हिलाडी भौज्जी आ गईं सैं!

जैइसा पहले भी बताए रहे, नानस्टाप नौटकीं  की फ़ोकटिया टिकट है ई देस का जीवन! एक आईटम खतम हुआ नहीं अगला शुरु! मज़ा है मज़ा लेने में!

“अपुन अंदर!” बोल के हिलाडी भौजी नें राष्ट्राध्यक्ष चुनाव की उम्मीदवारी इस इस्टाईल से घोषित कर दी जी की बस… गली में उतरते ही जेब के सारे कंचे ढँईयाँ-पाले मे ऊंडेलने के दिन याद आ गए!

“जीतनें को अंदर” दो टूक बोलीं भौजी और मार दी एंट्री मैईदान में!  देखिए लेडीज़-लोग में संयम ज्यादा होवे है, सदियों से प्लानिंग किये बैठी हैं. भौज्जी ही नहीं बाकी भीं. कभी तो आएगा वो दिन, कोई महिला करेगी राज इस देश पर – इब की बार उम्मीदों की पतंग आसमान पर हैं और क्यों ना हों - पहली बार स्पीकर भी एक महिला (नेन्सी पेलोसी) ही बनी हैं.

अब आपको बताएं भौजी हमार भौजी बनी कईसे! बरसों पहले हमें घर वाले नालायक और बाहर वाले धरती पे बोझ समझते थे. ऐसे में  बिल्लू भईया के बुलावे पे कंप्यूटर चलावे का इहां आए रहे – टेलेंट ही टेलेंट को पहचाने है. बडभईयन की बलिहारी- चकाचक इकानामी, चहूं ओर बल्ले बल्ले! बच्चा बच्चा लंच में कंपनी बदली करा, डिन्नर में कंपनी खोला!  वेंचर केपिटलिस्ट ठेले पे डालर डाले  “कंपनी खुलवालो .. आईपीओ करवालो” करते फ़िरे. राम राज था जी राम राज! कई तो आज भी रोते हैं  - “याद ना जाए बीते दिनों की” ..भईये इब ना आने के! तब सारे  एच-१ धारी एक सुर में ”हम सब इकट्ठे बिल्लू भिया के पट्ठे” जैसे नारे बुलंद करते ना थकते! मगर हाय.. लंका निसिचर निकर निबासा इहां कहां सज्जन कर बासा – अर्थात अब तो वाशिंगटन में बुश निक्कर पहन के घूमता हैं यहां अब सज्जन (लंगोट के ढीले बिल्लू भईया) कहां? लेकिन जब फ़रागदिल भौजी नें  बिल्लू भईया की लंगोट को अभयदान दे दिया – बस हम तो फ़ैन हो गए भौजी की केल्कूलेशन के – तबही बोल दिये, भौजी ट्राई जरूर मारेगी और बाहुबली बडभईय्या जी-जान लगा देगा!

 बुश की तो क्या बताएं.. रोज़ मनाते हैं की जल्द २००८ के चुनाव होंवे और दुनिया की पनौती कटे. जनता में त्राही मची है. 

“जिस दिन से नखत्री आया है व्हाईट हाऊस में देश डबल डिप रिसेशन, जबरदस्ती के वार, आतंकी हमलों और तूफ़ानों जैसी आपदाओं से जूझ रहा है!”

“बुश राज नही हैं जी साढेसाती लग गई है!”

“ ये निकले तो कोई यज्ञ-हवन करवाएं!”

 यही सब बातें करते सुनाई देते हैं लोग इन्टरनेट पे.

अब तो बस ये आस है की फ़ेमिली बिजनेस में मंजी भौजी, बिल्लू भईया के जैसे दिन ५०‍% भी बहुरा दें, कितनों का भारत उदय हुई जाए… और किसी से तो उम्मीद ना है!  कसम शहीद अल गोर की, अगर लालू की राबडी बिहार संभाल सकती है तो बिल्लू की हिलाडी जैसी खिलाडी के लिए अमरीका क्या चीज़ है? भौज्जी तुम फ़ाईट मारो हम बिन वोट ही के तुम्हारे साथ हूं! आपकी एन्ट्री के पहले २००८ चुनाव में इन्टरेस्ट ही नही ना आ रहा था कसम से!

“I’m not going to have some reporters pawing through our papers We are the president.”  – हिलाडी, दी खिलाडी! 

7 responses to “हिलाडी भौज्जी आ गईं सैं!”

  1. अनूप शुक्ला

    भौजी की सेवा और सहयोग में भगवान तुमको सदबुद्धि के साथ लगने का मौका दे!

  2. jitu

    अरे तुम अमरीकी होकर देसी बने रह गए।
    जब तुमका पता है अमरीकी फ्री मे इस्माइल भी किसी को नही देता, तो फिर भौजी अपने पतित पति को माफी काहे देती। अरे इस सब वोट का चक्कर है ना। अब देखना भौजी आएगी, कमर कस कर, और व्हाइट हाउस मे पक्का जाएगी।
    लेकिन इस बार मोनिका आंटी नही होगी वहाँ, बिल्लू को मोनिका के जबानी(?) जमाखर्च ने ही तो डुबोया था।

  3. तरूण

    पहला फोटू जबरदस्त लाये हो और २००८ का लोग तो लोग ‘बुशु बुशु हाती युद्ध रूकादे बुश मुस्कुरादे होये’ भी इंतजार कर रहे हैं कि इलेक्शन होयें हम निकले और मुक्ति मिले

  4. संजय बेंगाणी

    भौजी ने भैया को अभयदान दिया तभी समझ गए थे की भौजी की नजर भैया की कुर्सी पर है. अब अगर वे चुनाव न लड़ती तब आश्चर्य होता.
    मोनिका आंती का क्या काम? माना अमरीका है पर अपनी(?) भौजी को ऐसा-वैसा समझा है क्या?

  5. Joseph Maas

    test post

  6. समीर लाल

    भौज्जी तुम फ़ाईट मारो हम बिन वोट ही के तुम्हारे साथ हूं!

    –हम तो न अमरीका में हूँ और न ही वोटिंग राईट हूँ—फिर भी साथ हूँ. बहुत सही. :)

  7. divyabh

    अरे हम तो उनको किसी जमाने में सास कहा करते थे,इतने दिनों बाद भौजी!!!

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