4 responses to “ऐड्डी, हैरी और सिड भी टूंगते रह जाएंगे!”

  1. अनूप शुक्ल

    सही है। बदलाव होते रहने चाहिये। चोचले भी नये आने चाहिये सो आ रहे हैं।

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  2. संजय बेंगाणी

    जिसकी लाठी उसकी भैंस. खेलो के नियम तक बदल दिये जाते है, पदक छिटके को.

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  3. Dr.Anurag Arya

    हिन्दुतान में भी ये खेल शुरू हो गया है….कभी sms पर नजर डालिये……..

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  4. Dr.Arvind Mishra

    मामला संगीन तो है -आपने इन्हे उठाया -शुक्रिया !यह व्यवसायीकरण कॉ दौर दौरा है -इन्हे आत्मसात करना होगा या फिर किनारे हट जाना होगा .दोनों ही रास्ते मोक्ष की ओर जाते हैं .

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