भारतीय संस्कृति और त्यौहारों पर एक अमरीकी मित्र की जिज्ञासा शांत करने की ट्राई मार रहा था जब भांग का ज़िक्र निकला! भई होली की बात हो और भांग की बात ना हो – इम्पासिबल! मुझे आंखन देखे और कानों सुने वो सभी मजेदार किस्से याद आने लगे जो “महाकाल के प्रसाद” की कृपा से उपजे रहे! गोरा मित्र मेरी आंखो की चमक मे नजाने क्या पढ गया – मेरी खुशी और शुक्रवारी मूड को शक की निगाहों से देखने लगा. हमने जब तक इस बात को नोटिस किया काफ़ी देर हो चुकी थी!
हम उसे ठंडाई बनाने की विधि इन्टरनेट पर से ढूंढ कर देने का वादा कर चुके थे! किस्सों मे कई करीबी परिचितों का शुमार हो चुका था! फ़ाईनली भांग का वैज्ञानिक नाम बताने की ललक में हम दफ़्तर का इन्टरनेट कनेक्शन गूगलकर्म में झोंक चुके थे! जवाब मिला की यह वही वस्तु है जिसे पश्चिम मे मरुआना बोला जाता है, मतलब गांजा(???)! मरवा दिया यार! अपनी तो पैरो तले की जमीन बिना नशा किए ही हिल ली! “नहींऽऽ… यह नहीं हो सकताऽऽऽ!!” हिया हेमा मालिनी के अंदाज मे बोल उठा! आज तक तो ये लगता था की भांग जरा निर्दोष किस्म की, शिव जी का प्रसाद किस्म की वस्तु होती होगी! मगर इन्टरनेट पर तो हिप्पी-जुग बिखरा पडा था! विश्वमोहन भट्ट कि गिटार पर सेंटाना के सुर निकल चुके थे और अपना हिया बी.बी.किंग के ब्लूज़ म्युज़िक सुने जैसा उदास हो चुका था! साला ये पूरे गांव भर मे जा के मेरे बारे मे न जाने क्या बकेगा! तो जितना निर्दोष मैं भांग को समझता था सचमुच के उतने निर्दोष किसम की किसी जडी बुटी के नाम की खोज मे घर के इन्टरनेट कानेक्शन का सदुपयोग किया गया, जिसे भांग के विदेसी मतलब के रूप मे बता कर अपने देसी होली-फ़न इमेज की मरम्मत की जाए मगर कुछ भी ज्ञान उपलब्ध नही हुआ, अलबत्ता गैरकानूनी रूप से बूटी उगाने के तरीके और इसकी किस्में बताने वाली साईट्स अपने आई.पी. एड्रेस से देखी गईं हैं यह पता नही कितनी जगह नोट किया गया होगा! पता चला की चीन से ले कर बगदाद तक शिव जी के टेस्ट के फ़ैन बसते हैं! कसम शराफ़त की इन्टरनेट पर जरूरत से ज्यादा जानकारियां उपलब्ध हैं.
खैर, ठंडाई मे पीने और धुनकने का फ़रक पता चला और इतना ज्ञान ही काफ़ी भया! जबरदस्ती की उत्सुकता और इन्टरनेट का चाव – मरवाने वाला कांबिनेशन है!
“इस पूरे आबैलमुझेमार-काण्ड की आदर्श परिणिती क्या होगी?” अंतर्यामिणी ने जानबूझ कर क्लोज़र-भाव से पूछा – मैं मुस्कुरा कर बोला – इसे सप्ताहांत में हिंदीनी पर ब्लाग करुंगा!
तो तजुर्बे से सबक लिया जाए – भारत का संस्कृति-मंत्री बनने से दफ़्तर मे बचा जाए!



भांग के बारे में जानकारी के लिये पढा जाये चिट्ठाचर्चा का
अप्रैल अंक. मनीश बताते हैं कैसे बनती है भांग-मय
शंकरजी के फोटोके. भांग पीने के बाद की हालत के बारे में
रागदरबारी में बताया गया है-वे हंसे और आगे का काम
भांग ने संभाल लिया.बकिया संस्कृति-मंत्री के पद से इस्तीफा
अभी मत दो.बने रहो पद पर.
[...] ke most of us believed it to be an innocent intoxicant, was taken by surprise when Googling for its scientific name. Permalink [...]
Shiva’s beverage
Staunch devotees of lord Shiva can vouch for the taste of Thandai with a splash of Bhang. ESwami, who like most of us believed it to be an innocent intoxicant, was taken by surprise when Googling for its scientific name.
…
man that was some info i also did not want to know….but now i can also say to my american frnds that i have had marijuana