भारत से इन्टरनेट सेवाओं का प्रयोग करने वाले सुधी पाठक जानते ही होंगे की भारतीय भाषाओं की प्रथम सॉफ़्ट-पॉर्न कॉमिक चरित्र पर आधारित सविता भाभी [savitabhabhi.com] नामक साईट को भारत सरकार नें बैन कर दिया है – अर्थात भारत में रहने वाले लोग इस साईट को अपने बेब ब्राऊज़र में नहीं खोल पाएंगे.
डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलिकम्यूनिकेशन ने इस आशय का तुगलकी आदेश भारतीय इन्टरनेट सेवा प्रदाताओं को दे मारा है.
वैसे नर्डी लोगों के लिये इस साईट तक पहुंचना कोई तेढी खीर नहीं होगी .. जल्द ही मिरर साईट्स भी उगती ही होंगी लेकिन वे आम प्रयोक्ता जो सविता भाभी तक पहुंचना चाहते हैं – इस कडी पर उपलब्ध जानकारी का प्रयोग करें. आप सेवसविता प्रोजेक्ट पर जा कर इस विषय में दिलचस्पी लेने वाले अन्य लोगों से नेटवर्किंग कर सकते हैं और सहयता ले-दे सकते हैं.
पहले मैं सोच रहा था कि इस प्रकार की सेंसरशिप के औचित्य पर एक लेख लिखूं लेकिन मेरे हिसाब से चूंकि इस समस्या का तकनीकी हल निकाला जा सकता है – सेंसरशिप के औचित्य आदी पर फ़िलासाफ़ी झाडने में समय क्यों व्यर्थ करें?
संभावित प्रश्नों के अग्रिम जवाब -
१. मेलोड्रामा आस्पेक्ट पे डिस्क्लेमर पेलियेगा?
सविता भाभी नाम में “भाभी” शब्द होने पर कई लोगों को आपत्ती रही है – मुझे भी एक आमतौर पर सम्माननीय संबंध को ऐसे पॉर्न चरित्र से जोडा जाना ठीक प्रतीत नहीं होता लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है की साईट ही बैन कर दी जाए – वैसे साईट बैन किये जाने की यह वजह नहीं रही है.
२. अपने ब्लाग पर एक पार्न कॉमिक साईट का ज़िक्र कर के और उस तक पहुंचने का रास्ता बता कर क्या मैं उचित कर रहा हूं?
हां बिल्कुल! ये कोई व्यव्हारिक मॉरल इश्यू नहीं है. इन्टरनेट पर हजारों पार्न साईट्स हैं फ़िर एक ही साईट वो भी कॉमिक साईट को निशाना बना कर भारत सरकार क्या सिद्ध करना चाहती है? हर व्यक्ति को अपने अपने तरीके से ऐसी फ़ोकटिया दादागिरी का विरोध करने का पूरा अधिकार है – और ये मेरा तरीका है विरोध प्रकट करने का.
३. इस साईट का जिक्र अपनी हिट काऊंट बढाने के लिये कर रहा हूं? नहीं यार – इससे बेहतर तरीके पता हैं मुझे.
४. मेरी इस पूरे प्रकरण में दिलचस्पी क्यों है? क्या मैं स्वयं सविताभाभी का फ़ैन हूं?
भारत में साईट बैन होने से अप्रवासियों की सेहत पे क्या फ़र्क पड लेना है? मूलत: यह साईट एक बहुत चतुर और सुरक्षित क्रियेटिव आईडिया है और किसी भी सुरक्षित क्रियेटिव आईडिये का ऐसा दमन मुझे व्यक्तिगत रूप से पसंद नही है – चाहे वो पार्न ही क्यों ना हो, मैं जानता हूं कि इन्टरनेट पर किन्ही भी प्रोजेक्ट्स को शुरु कर के चलाने और सफ़ल करने में कितनी मेहनत लगती है – चूंकि भारत सरकार में क्रियेटिव लोग नहीं हैं हां काठ के उल्लू ढेरों हैं उन्हें उनका स्थान बताए जाने की सख्त जरूरत है.
५. क्या मैं नेट पर पॉर्न को बढावा देने के पक्ष में हूं?
नहीं, उससे अधिक मैं खरबुद्धी ठसियल दमनकारी कट्टर बेवकूफ़ों के विरोध में हूं. जिन लोगों को इस बात का भय है कि उनके बच्चों पर ऐसी साईट का बुरा प्रभाव पड सकता है उन्हें चाहिये की वे नैट-नैन्नी जैसे साफ़्टवेयर्स का प्रयोग करें. इस प्रकार के साफ़्टवेयर्स आई.पी. लेवल पर साईट्स को बैन करते हैं.
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बहुत सही कह रहे हो…जिओ इतना उम्दा विश्लेषण करने के लिए.
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‘भारत सरकार में क्रियेटिव लोग नहीं हैं हां काठ के उल्लू ढेरों हैं उन्हें उनका स्थान बताए जाने की सख्त जरूरत है.”
मेरी भी सहमति शामिल कर लीजिये
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कैसे इस प्रतिबंधित साइट पर पहुंचे इसके बारे में तो अच्छी जानकारी दे डाली। भारत सरकार की जय हो जो उसने लिखने के लिये उकसाया स्वामीजी को।
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काठ के उल्लुओं को सही स्थान बताने के लिए बहुत बहुत आभार!
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बैन कर के सरकार के सिरफिरे लोग उसे और प्रसिध्द कर रहे हैं, कितनी साईट्स बैन करेंगे आखिर ये? जरुरत रोगी मानसिकता को बैन करने की है ना कि साईट्स!!
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तुगलकी आदेश निकालने वाले “ठस” हैं उनको पता नहीं है कि एक से एक तुर्रमखान बैठे है इस साईबर जगत में, इनकी क्या बिसात।
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सरकार कहलाती ही है इसलिए
सर के उपर से कार निकल जाती है
पर नेट पर से पॉर्न
कभी नहीं निकल सकता
यही असरकारी है।
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हर घर में पति पत्नि (या फिर वो) के बीच सम्बन्ध
बंतेबनते है और घर के बच्चे फिर भी “ऐसी वैसी” जानकारी से बचे रहते है. तो उन्हे नेट पर नहीं बचाया जा सकता?चाहो तो सविता
भाईभाभी को पढ़ना कोई मुश्किल नहीं. अखबारों ने उन्हे भी बता दिया है जिन्हे पता नहीं था.[Reply]
@संजय – ये वर्तनी में सविता का लिंग परिवर्तन काहे कर दिये?
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सही में आप जैसे साहसी लोगो ने हिंदी ब्लॉग की डूबती नब्ज़ को थाम रखा है …. कृपया हफ्ते न सही तो १५ दिन में एक लेख ठेल दिया कीजिये ..
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लेख तो बढ़िया है …
बच्चों को ऐसी वैसे साईट से बचने के लिए सोफ्टवेयर का उपयोग करें…
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हड़बड़ी में गड़बड़ी हो जाती है जी….महेबानी होगी अगर आप सही कर दें
बंते=बनते
भाई=भाभी
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इस प्रकार के कॉमिक्स समाज के लिये ठीक नही है, वैसे भी नेट पर क्या उपलब्ध नही है। भारतीय लिहाज से भारतीय सम्बन्ध के आधार पर प्रतिबन्ध उचित है।
आपको बहुत दिनों बाद लिखते देख बहुत अच्छा लगा।
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स्वामी जी..
जहां तक अपना अनुभव है ..सविता भाभी के देवरों की एक अलग ही दुनिया है..ई सरकार कतना भी बैन शेन कर ले .देवरवा सब कौनो खिड़की..दरवाजा बना ही लेगा….बहुत बढिया धो धो के मारे हैं…
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आपने सही कहा! सिर्फ़ एक साईट को बैन करने से क्या होगा
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तुम डाल डाल हम पात पात..
कोई फर्क नहीं पडने वाला.. सरकार अपनी उर्जा कहीं और लगाये..
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मैं खर बुद्धि ठ्स हूं। पर दमनकारी कट्टर बेवकूफ़ों में नहीं। मेरे वास्ते क्या?
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ये साईट तो लग रहा है की बैन होने के बाद ज्यादा प्रचलित हो गयी है. सरकार में मूर्ख लोग ज्यादा भरे है. ये सर्वज्ञात नियम है की बैन करना, किसी भी चीज को मशहूर करने की पहली सीधी होता है.
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अपने को सविता और उसके सॉर्डिड एस्कपेड्स में कोई दिलचस्पी नहीं है, इसलिए आप फ़िलासफ़ी झाड़ता हुआ लेख ठेल ही दीजिए क्योंकि उसमें अपनी दिलचस्पी अवश्य होगी!!
बाकी आपकी बात काठ के उल्लुओं वाली सही है, न जाने बाबू लोगों को क्या सूझा और न जाने एक वेबसाइट को बैन करके वे कौन सी स्टेटमेन्ट खिसका रहे हैं, इस हरकत से पॉर्न साइट तो बंद न होंगी, उनको कोई असर भी न पड़ेगा, हाँ होगा यह कि सविताभाभी.कॉम और अधिक लोकप्रिय हो जाएगी, जो नहीं जानता होगा वह भी जान जाएगा इसके बारे में!!
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savita bhabhi phir se chalu hona chahiye
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सविता भाभी को वापस लाओ
में मिस कर रही हु
आपके द्वारा ईद गयी सईद पर भी नहीं देख प् रही हु
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Oops! This link appears to be broken.
यही aa रहा हे
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यहाँ तमाम तरह के मतों के पढ़ के दंग रह गया हूँ. लोग कितने मूढ़ हो सकते हैं.
१. “एक वेबसाईट को बंद कर के क्या होगा.”
हज़ारों मीलों का सफ़र भी एक पहले कदम से ही शुरू होता है. किसी ना किसी वेबसाईट से तो शुरुआत होनी ही थी. एक वेबसाईट पर ही यदि आप त्राहि माम कर उठेंगे तो बाक़ी की कैसे बंद की जायेंगी?
२. “नेट नैनी जैसे सॉफ्टवेर लगायें”.
यदि आप यह मानते हैं की ऐसे सॉफ्टवेर लगाने उचित हैं, तो आप यह मान रहे हैं कि देखा जाने वाला कंटेंट अनुचित है. जब कंटेंट अनुचित है तो उसे आई पी के लेवल पर क्यों, राष्ट्रीय स्तर पर क्यों नहीं प्रतिबंधित किया जाए.
ऎसी वेबसाईट अनुचित होते हुए भी लोग कह रहे हैं कि प्रतिबंधित करने का कोई फ़ायदा नहीं क्योंकि लोग कोई ना कोई तोड़ निकाल ही लेंगे. मैं इसे बहुत ही बेवकूफाना परिप्रेक्ष्य मानता हूँ. यद्यपि ड्रग्स पर प्रतिबन्ध है, तब भी लोग कोई न कोई ज़रिया बना ही लेते हैं और उसका सेवन करते हैं. तो क्या ड्रग्स को भी उपयोग करने की आज़ादी दे दी जाए?
सरकार पर निशाना साध के अपने आप को बड़ा पुरुषोत्तम समझना बहुत आसान होता है. आप लोग यही कर रहे हैं.
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काश ,राजनीती में भ्रष्टाचार को बंद किया जाता
ashok
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मेरे ख्याल से सरकारी ऑफिसों एवं मंत्रालयों में ऑफिसर्स एवं नेतागण इस वेबसाइट को ज्यादा देखते होंगे और राजनैतिक पार्टियों के कार्यक्रमों कम हिस्सा लेते होंगे इसलिये सरकार ने इस साईट को बैन कर दिया है। हमारे देश में वही हजारों साल पुराने विचारों की संस्कृति हम लोगों पर थोपा जा रहा है, कुछ लोग लोगों को प्रकाश की ओर ले जाना चाहते हैं जिससे आम जनता का न्यूज चैनलों एवं राजनैतिक खबरों से मोहभंग हो और जीवन से तनाव को कम करने का एक उपाय आम आदमी के पास हो किंतु सरकार को ये पसंद नही। हमारी सरकार सेना के लिये विदेशी हथियार खरीदती है, विदेशी शक्कर आयात करती है, विदेशी कंम्पनियों को बिजनेस के लिये आमंत्रित करती है तो फिर विदेशी आचार-विचारों को अपनाने से आम आदमी यदि अपनी लाइफ में कुछ पल शुकुन महसूस करना चाहता है तो इससे सरकार को परेशानी नही होनी चाहिये हर आदमी तो विदेशों को दौरा कर नही सकता ये तो हमारे देश के नेता ही है तो हमारे पैसो से विदेशों को जाके न जाने क्या-क्या करते हैं हमे तो उसका पता भी नही पडता
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ईमानदारी और बेवाकी पसंद आई…शुभकामनायें !
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