22 responses to “सविता भाभी तक कैसे (न) पहुंचें?”

  1. समीर लाल ’उड़न तश्तरी’ वाले

    बहुत सही कह रहे हो…जिओ इतना उम्दा विश्लेषण करने के लिए.

  2. maithily

    ‘भारत सरकार में क्रियेटिव लोग नहीं हैं हां काठ के उल्लू ढेरों हैं उन्हें उनका स्थान बताए जाने की सख्त जरूरत है.”

    मेरी भी सहमति शामिल कर लीजिये

  3. अनूप शुक्ल

    कैसे इस प्रतिबंधित साइट पर पहुंचे इसके बारे में तो अच्छी जानकारी दे डाली। भारत सरकार की जय हो जो उसने लिखने के लिये उकसाया स्वामीजी को। :)

  4. दिनेशराय द्विवेदी

    काठ के उल्लुओं को सही स्थान बताने के लिए बहुत बहुत आभार!

  5. नितिन

    बैन कर के सरकार के सिरफिरे लोग उसे और प्रसिध्द कर रहे हैं, कितनी साईट्स बैन करेंगे आखिर ये? जरुरत रोगी मानसिकता को बैन करने की है ना कि साईट्स!!

  6. विवेक रस्तोगी

    तुगलकी आदेश निकालने वाले “ठस” हैं उनको पता नहीं है कि एक से एक तुर्रमखान बैठे है इस साईबर जगत में, इनकी क्या बिसात।

  7. अविनाश वाचस्‍पति

    सरकार कहलाती ही है इसलिए
    सर के उपर से कार निकल जाती है
    पर नेट पर से पॉर्न
    कभी नहीं निकल सकता
    यही असरकारी है।

  8. संजय बेंगाणी

    हर घर में पति पत्नि (या फिर वो) के बीच सम्बन्ध बंते बनते है और घर के बच्चे फिर भी “ऐसी वैसी” जानकारी से बचे रहते है. तो उन्हे नेट पर नहीं बचाया जा सकता?

    चाहो तो सविता भाई भाभी को पढ़ना कोई मुश्किल नहीं. अखबारों ने उन्हे भी बता दिया है जिन्हे पता नहीं था.

  9. dr.anurag

    सही में आप जैसे साहसी लोगो ने हिंदी ब्लॉग की डूबती नब्ज़ को थाम रखा है …. कृपया हफ्ते न सही तो १५ दिन में एक लेख ठेल दिया कीजिये ..

  10. anil kant

    लेख तो बढ़िया है …
    बच्चों को ऐसी वैसे साईट से बचने के लिए सोफ्टवेयर का उपयोग करें…

  11. संजय बेंगाणी

    हड़बड़ी में गड़बड़ी हो जाती है जी….महेबानी होगी अगर आप सही कर दें

    बंते=बनते
    भाई=भाभी

  12. प्रमेन्‍द्र प्रताप सिंह

    इस प्रकार के कॉमिक्‍स समाज के लिये ठीक नही है, वैसे भी नेट पर क्‍या उपलब्‍ध नही है। भारतीय लिहाज से भारतीय सम्‍बन्‍ध के आधार पर प्रतिबन्‍ध उचित है।

    आपको बहुत दिनों बाद लिखते देख बहुत अच्‍छा लगा।

  13. अजय कुमार झा

    स्वामी जी..
    जहां तक अपना अनुभव है ..सविता भाभी के देवरों की एक अलग ही दुनिया है..ई सरकार कतना भी बैन शेन कर ले .देवरवा सब कौनो खिड़की..दरवाजा बना ही लेगा….बहुत बढिया धो धो के मारे हैं…

  14. काशिफ आरिफ

    आपने सही कहा! सिर्फ़ एक साईट को बैन करने से क्या होगा

  15. रंजन

    तुम डाल डाल हम पात पात..

    कोई फर्क नहीं पडने वाला.. सरकार अपनी उर्जा कहीं और लगाये..

  16. Gyan Dutt Pandey

    मैं खर बुद्धि ठ्स हूं। पर दमनकारी कट्टर बेवकूफ़ों में नहीं। मेरे वास्ते क्या?

  17. अनुराग मिश्र

    ये साईट तो लग रहा है की बैन होने के बाद ज्यादा प्रचलित हो गयी है. सरकार में मूर्ख लोग ज्यादा भरे है. ये सर्वज्ञात नियम है की बैन करना, किसी भी चीज को मशहूर करने की पहली सीधी होता है.

  18. amit

    पहले मैं सोच रहा था कि इस प्रकार की सेंसरशिप के औचित्य पर एक लेख लिखूं लेकिन मेरे हिसाब से चूंकि इस समस्या का तकनीकी हल निकाला जा सकता है – सेंसरशिप के औचित्य आदी पर फ़िलासाफ़ी झाडने में समय क्यों व्यर्थ करें?

    अपने को सविता और उसके सॉर्डिड एस्कपेड्स में कोई दिलचस्पी नहीं है, इसलिए आप फ़िलासफ़ी झाड़ता हुआ लेख ठेल ही दीजिए क्योंकि उसमें अपनी दिलचस्पी अवश्य होगी!! :)

    बाकी आपकी बात काठ के उल्लुओं वाली सही है, न जाने बाबू लोगों को क्या सूझा और न जाने एक वेबसाइट को बैन करके वे कौन सी स्टेटमेन्ट खिसका रहे हैं, इस हरकत से पॉर्न साइट तो बंद न होंगी, उनको कोई असर भी न पड़ेगा, हाँ होगा यह कि सविताभाभी.कॉम और अधिक लोकप्रिय हो जाएगी, जो नहीं जानता होगा वह भी जान जाएगा इसके बारे में!! ;)

  19. pooja

    savita bhabhi phir se chalu hona chahiye

  20. Roshni

    सविता भाभी को वापस लाओ
    में मिस कर रही हु
    आपके द्वारा ईद गयी सईद पर भी नहीं देख प् रही हु

  21. Roshni

    Oops! This link appears to be broken.
    यही aa रहा हे

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