
॥ टंकी चालीसा ॥
नमो नमो टंकी टंकारिनी। नमो नमो सनकी धारिनी ॥
धाई चढे सब सीढी तेरी। दारू,वीरू मौसी मती फ़ेरी॥
सब पर भारी टंकी माई। उतरे वीरू बसन्ती पाई॥
तेरी शरण होली गाई। गब्बर की फिर बैंड बजाई॥
व्यथा विवाह की वीरू बोले। उस प्रताप से बनगी शोले॥
तुझ बिन सिप्पी हिप्पी हो ले। बेचत फ़िरे टिक्की-छोले॥
तेरे सीस जो भी लग जाता। कूद मरूंगा राग सुनाता॥
सागर नाहर आन डटे जव। कूढ मगज किये जगराता॥
विरक्तदास परकोटो आवे। गुरुत्वबल का महिमा गावे॥
निरमल मन मोरो मनावे। ढकन हटा वा जल मा जावे॥
बडा-जालथल बना वन चंबल। छूटे चिठेरे का हर संबल॥
धरे लुटिया लपेटे कंबल॥ रूठत चढत सीढी टंबल-टंबल॥
भोंगा धर अजान दे मुल्ला। चला मैं चला, मैं चल्ल्ला॥
लेपटाप मुहाने हंस दे लल्ला। ल्यो टंकी पे चढगया झल्ला॥
झल्ला देख हम झल्लावें। अब नर-नारी कर जोरी मनावें॥
टंकी कथा नित बनावें। तब बना बना पुरान बन जावें॥
ताऊ-चाचे ना भैये-भौजाई। टंकी सबसे सदा सवाई॥
फ़ुरसतिया करे बडिआई। ई-स्वामी ने महिमा गाई॥
॥ टंकी नामावली ॥
१. ॐ टंकियाय नम: [टंकी को प्रणाम]
२. ॐ जलप्रदाय नम: [पानी देने वाली को प्रणाम]
३. ॐ आधारस्तंभधराय नम: [पिल्लरवाली को प्रणाम]
४. ॐ चिट्ठाकारेसमुन्नतिप्रदाय नम: [चिट्ठाकार को उप्पर ले जाने वाली को प्रणाम]
५. ॐ उर्ध्वसोपानसमेते नम: [सीधीसीढीवाली को प्रणाम]
६. ॐ शोलेवीरूपूजिताय नम: [शोलेवीरूपूजिता को प्रणाम]
७. ॐ विश्वतोमुखाय नम: [हरतरफ़ देखने वाली को प्रणाम]
८. ॐ शरावशोभिते नम: [ढक्कन से शोभितवाली को प्रणाम]
९. ॐ वृतिशोभिते नम: [फ़ेंसिंग से शोभित को प्रणाम]
१०. ॐ चिट्ठाचर्चिताय नम: [चिट्ठोंमें चर्चित को प्रणाम]
११. ॐ सर्वनाशसंशयदायिनीये नम: [सर्वनाशकाभय देने वाली को प्रणाम]
१२. ॐ सागरनाहरअनुबोधिने नम: [सागर नाहर की याद दिलवाने वाली को प्रणाम]
१३. ॐ विवादानुगतप्रियाय नम: [कॉंट्रोवर्सीप्रिया को प्रणाम]
१४. ॐ हितसाधने नम: [हितसाधन करने वाली को प्रणाम]
१५. ॐ नवचिट्ठाकारअश्रुकर्मनकराय नम: [नये चिट्ठाकारों को रुलाने वाली को प्रणाम]
१६. ॐ जैष्ठचिट्ठाकारेरोमांचप्रदायिने नम: [पुराने चिट्ठाकारों को रोमांचित करने वाली को प्रणाम]
१७. ॐ सर्वपायुविलुम्पिने नम: [सबकी पिछाडीफ़ाडीनी को प्रणाम - पायु : पिछाडी और विलुम्पन = फ़ाडना]
१८. ॐ समयनाशिने नम: [टाईमखोटी करने वाली को प्रणाम]
१९. ॐ विद्युत्पत्रप्रवाहनाशिने नम: [इलेक्ट्रानिक डाक्युमेंट्स मिलने में देर करवाने वाली को प्रणाम]
२०. ॐ रम्भाधारधराय नम: [वन विद अ सिलिन्ड्रिकल बेस]
२१. ॐ छद्मविरक्तमोहिनिये नम: [विरक्त की एक्टिंग करने वाले को मोहित करने वाली को प्रणाम]
२२. ॐ क्लेशसंहारिणे नम: [ क्लेशों का संहार करने वाली को प्रणाम]
२३. ॐ मित्थामुक्तिप्रदायिने नम: [ झूठी मुक्ति देने वाली को प्रणाम]
२४. ॐ ई-स्वामीनेजृम्भणप्रदाय नम: [ई-स्वामी को उबा सकने वाली को प्रणाम]
मेरी पसंद-






टंकी की जय हो!
ॐ टंकियाय नम:
स्वामी जी की जय हो
टंकी जी की जय हो
टंकी के भक्तों की जय हो
सभी देवी देवताओं की जय हो ।
जय हो । जय हो । जय हो ।
ऊं नम:! नम:! नम:!
सब पर भारी टंकी माई। उतरे वीरू बसन्ती पाई॥
तेरी शरण होली गाई। गब्बर की फिर बैंड बजाई॥
बहुत अच्छा लगा. टंकी पर चढ़ने भर से बसन्ती मिल जाती है क्या:)
टंकी चालीसा और टंकी नामावली को परनाम …….
जो नर टँकी धावै, बढ़त टीआरपी देवा
ई-स्वामी हिय धरो बढ़े टीआरपी देवा
ट्रैफ़िक रैंक बाढ़ै अरु निशँक पावो मेवा
ई-स्वामी हिय धरो जो नर पावत मेवा
शेष अपने किसी पोस्ट में,
…. प्रेरणा देने का आभार !
जय हो स्वामी जी की !
जय हो गुरुवर…आज से “पक्के वाले” इ स्वामी ……
श्री टंकी यह चालीसा, पाठ करै कर ध्यान
नित नव दंगल ब्लाग बसै, लहे इहाँ सन्मान।।
लगे हाथ “टंकी कवच” भी बता देते तो पुण्यफल द्विगुणित हो जाता:))
aur ise ke saath sood ji bole bhakton ab ye katha sampann hui…
Nevedya aur chrnamrit vitran shuru kiya jaiye….
aur phir bhandara !!
jay ho!!
tankeshwar nath ko pranaam!!
ॐ ई स्वामियाय स्वाहा !
वाह-२ जय हो
वैसे तो इस फिल्म में सभी सीन एक से बढ़कर एक थे लेकिन हास्य के लिहाज़ से मुझे सबसे बढ़िया यही टंकी वाला सीन लगा था और दूसरे नंबर पर वो सूरमा भोपाली वाला सीन, उसमें जगदीप की डॉयलाग डिलिवरी बहुत मस्त थी!
॥या देवी सर्वस्थानेषु टंकीरूपेण संस्थिता, नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमो नमः॥
बोलो टंकी माई और उसके भक्त ईस्वामी की जय!
वाह! ऊपर पहली टिप्पणी है जो मैंने मोबाइल से किसी चिट्ठे पर की, इससे पहले भी एकाध बार कोशिश की थी पर कामयाब न हुआ था।