6 responses to “अंग्रेजी चिट्ठा उपलब्ध”

  1. ab inconvinienti

    यानी हिंदी का एक और ब्लॉगर अंग्रेजी की तरफ मुड़ गया. आपकी पोस्ट तो वैसे ही वंस इन अ ब्लू मून आती थीं, अब और ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा :-(

    वैसे अंग्रेजी में अच्छा लिखने वालों की कोई कमी नहीं है, पर हिंदी में आप जैसे जितने भी रह गए है सभी पलायन करते जा रहे हैं, कोई इस बहाने तो कोई उस बहाने.

    चलो ठीक है, शुभकामनाएं नए ब्लॉग को सफलता के लिए.

  2. cmpershad

    हैलोविन को छोड़ भारतीय संस्कृति और दर्शन पर बात होती तो……….
    वैसे, ab convinienti की बात से सहमत। अच्छा हो कि हिंदी ब्लागरों का प्रोत्साहन, मार्गदर्शन करते:)

  3. Arvind Mishra

    अच्छा देखते हैं मगर क्या वहां आप नियमित रह पायेर्गें -यह भी देखते हैं !

  4. अशोक पाण्‍डेय

    आपको जितना जान पाए हैं, उससे विश्‍वास है कि हिन्‍दी से आपका नेह बना रहेगा। अंगरेजी चिट्ठे के लिए शुभकामनाएं।

  5. nishachar

    naye chitthe ke liye shubhkamnaye.ab inconvinienti se sahmat………..

  6. ePandit

    बधाई जी बधाई!
    हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लिखने का अलग अलग आनन्द और फायदे हैं.
    अंग्रेजी में लिखने से ग्लोबल पाठक मिलते हैं, हिंदी में सभी अपने भाई बंधु होते हैं, अनौपचारिक माहौल होता है.

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