5 responses to “अजन्मे भूत की नज़र से भविष्य की कलाएं”

  1. दिनेशराय द्विवेदी

    आलेख अच्छा लगा। इन शब्दों के अर्थ याद रखने के लिए इन्हें कई बार पढ़ना पड़ेगा। आगे लिखिए।

  2. P.C.Godiyal

    लेख के साथ-साथ प्राचीन शैली का बेजोड़ चित्रण, बहुत खूब !

  3. Lovely

    अच्छा लगा….आगे लिखिए.

  4. अतुल शर्मा

    मुझे भी टिप्पणी के लिए सटीक शब्द नहीं मिल रहे फिर भी समझ लो कि मेरे हिसाब से भीषण जानकारी दी है आपने।
    जी बिलकुल ऐसी और सामग्री ज़रूर पढ़ना चाहेंगे।
    तस्वीरें अद्भुत हैं। भांगड़ा का ओल्ड स्कूल तो देखने सुनने पर ही समझ में आएगा। पोषाखों की रेट्रो डिज़ाइन्स तो कई बार देखी हैं पर पता ही नहीं था इस बारे में। अल्टरनेट हिस्ट्री पर आधारित कोई भी चीज़ कभी देखी पढ़ी नहीं है इसलिए उल्लिखित दोनों फ़िल्में ज़रूर खोजकर देखूँगा।

  5. अर्कजेश

    अच्‍छा है । ज्ञान में इजाफा भया । इस पोस्‍ट के माध्‍यम से । इस तरह की पोस्‍टें देते रहिये ।

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