आजकल इधर थेन्क्सगिविन्ग होलिडेज़ चल रहे हैं. अमरीकी लोग अपने देश के सबसे लंबे अवकाशकाल में क्या करते हैं? खरीददारी करते हैं और क्या!!
खुदरा माल की जितनी बिक्री बाकी साल मे नही होती वो थेंक्सगिविंग और क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान हो जाती है. अमरीका दुनिया का सबसे बडा कर्जदार देश है. यहां बहुत से लोगों की मानसिकता है “ऋणं कृत्वा घृतं पिब”!
सारे बडी बडी दुकानों और शापिंग मॉल्स में बंपर सेल लगी है. आज के दिन सुबह ५ बजे से दुकाने खुल जाती हैं और हो जाता है उपभोक्तावाद का पागलपन शुरु! (फोटो: फ़्लोरिडा के एक वाल-मार्ट मे खरीदारी के दौरान हुई मार पिटाई का – आपको भारत की राशन की कतारें याद आ जाएं ऐसा दृश्य)

खरीदार वैसे तो कई किस्म के होते हैं दो तरह वालों को आज के दिन खरीदारी के बडे दौरे आते हैं – एक वो समझदार जो जानते हैं कि क्या कब कैसे खरीदना है. ये लोग ऐसी तैयारी से निकलते हैं जैसे युद्ध लडने जा रहे हैं. दूसरे ओर विज्ञापनों से प्रभावित वर्ग है जिनकी मांग और जरूरतें बाजार तय करता है. ये लोग अपनी चादर के बाहर पैर पसारे भेड चाल मे माल खरीदे जा रहे हैं.
इस सब से खुन्नस मे आ कर हाल ही मे इस सामूहिक पागलपन का मुखर विरोध शुरु हुआ और ये वेबसाईट और समूह दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गया – एड्बर्स्टर यह समूह – बाय नथिंग डे (Buy nothing Day) मना रहा है – ठीक वैसे ही जैसे मैं वेलेन्टाईन दिवस पर काला दिवस मनाता हूं!
उपभोक्तावाद का विरोध तो अपनी जगह है भेडचाल का मुखर विरोध पहले जरूरी है!


बहुत अच्छा वर्णन है स्वामी भिया |
आपने भारत में बैठे-बैठे अमेरिका के दर्शन करा फदिये |
वैलेन्टाइन डे पर आपको काला दिवस मनाने के बजाय “कौमार्य संरक्षण दिवस” या “अखण्ड कौमारय दिवस” मनाना चाहिये |
स्वामी अब इतनी भी मारपीट नहीँ होती भारत मेँ राशन की
दुकानोँ मेँ.वैसे छुट्टी का जो मजा घर मेँ मौज से बैठने
का है वह खरीदारी मेँ कहाँ?
Well read this post a bit late. Shopped till i dropped (literally i did stumble once). Started shopping @ 7:00 a.m. and ended @ 2:00. Most of it was thought out, though i have to agree that the Leather Jacket that was on sale for $100 (original $300) was a bit of an impulse buy
बहुत सही साइट का पता बताया. लोग हमारे यहाँ तो सुबह पाँच बजे से लाइन लगाये खडे थे फोकट के गिफ्ट कार्ड लेने के लिये