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कटी-छँटी सी लिखा-ई

कटी-छँटी सी लिखा-ई

By eswami on February 3, 2012

सोच बात पूरी नही होती खयाल छोड देते हैं साथ अध-बीच कोई सिरा जुडता नहीं कोई शैतान है भीतर फ़ूंक कर बिखेर देता है ताना-बाना और कहता है देखा? गर पैसे होते बादाम दूध पिया होता सोच यूं गुम ना होती तेरी बनिये को देख सबका हिसाब याद है उसे मूंह-ज़बानी     अनकही पुराने [...]

Posted in लिखा-ई | Tagged अनकही, सोच | 5 Responses

सपना आगे जाता कैसे?

सपना आगे जाता कैसे?

By eswami on November 22, 2011

छोटा सा इक गाँव था जिसमें दीये थे कम और बहुत अंधेरा बहुत शज़र थे थोडे घर थे जिनको था दूरी ने घेरा इतनी बडी तन्हाई थी जिसमें जागता रहता था दिल मेरा बहुत कदीम फ़िराग था जिसमें एक मुकर्रर हद से आगे सोच ना सकता था दिल मेरा ऐसी सूरत में फ़िर दिल को [...]

Posted in लिखा-ई | Tagged उर्दू शायरी, features | 5 Responses

पेश-ए-खिदमत है ‘हर्बल माल’– स्व. नुसरत की एक विरली कव्वाली!

पेश-ए-खिदमत है ‘हर्बल माल’– स्व. नुसरत की एक विरली कव्वाली!

By eswami on May 11, 2011

पुराना खयाल, पुरानों का पुरानों के लिये! कुछ भी नया नही हैं इस कव्वाली में, जैसे मिट्टी में सब पुराना-धुराना! बस ये मिट्टी मावठे की पहली बूंद से सौंध जाती है.. पहली बारिश में लौंध  जाती है.. पहली ऊष्मा में कौंध जाती है. यह कव्वाली मुझे पसंद है इसके लफ़्ज़ों से, इस खयाल से पुरानी [...]

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अपने अपने राम, अपनी अपनी रामायण!

अपने अपने राम, अपनी अपनी रामायण!

By eswami on April 19, 2011

बॉलीवुड के निर्देशकों मे से एक, रामगोपाल वर्मा ने रामनवमी पर ट्वीट की “अपनी पत्नि के लिये रावण से व्यक्तिगत युद्ध लडने के अलावा राम ने अयोध्या के लोगों के लिये क्या किया?” (निश्चित रूप से रामगोपाल ने उत्तरकाण्ड नही पढा है जिसमे राम-राज्य का विस्तृत वर्णन है. ) इसके बाद उन्होने रामायण के अलग [...]

Posted in लिखा-ई | Tagged राम, रामगोपाल वर्मा, रामायण | 17 Responses

ए फ़ॉर अखाडा, बी फ़ॉर बखेडा सी फ़ॉर क्रिकेट!

ए फ़ॉर अखाडा, बी फ़ॉर बखेडा सी फ़ॉर क्रिकेट!

By eswami on April 11, 2011

टीवी हैं. टीवी पे टीवीजीवी हैं. अखाडे हैं. अखाडों में बखेडे हैं. (टीवी पर दृश्य पहला) क्रिकेट विश्वकप सेमी-फ़ाईनल भारत-पाक भिडंत! उपमहाद्वीप के स्वादिष्ट पकवानों का आनन्द उठाने के बाद सरदारजी और गिलानी मैच देखने बैठ गए हैं. चेहरे की खुशी बता रही है की भोजन के बाद, परंपराओं के अनुसार दोनो पंजाबियों के बीच [...]

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