By eswami on May 11, 2011
पुराना खयाल, पुरानों का पुरानों के लिये! कुछ भी नया नही हैं इस कव्वाली में, जैसे मिट्टी में सब पुराना-धुराना! बस ये मिट्टी मावठे की पहली बूंद से सौंध जाती है.. पहली बारिश में लौंध जाती है.. पहली ऊष्मा में कौंध जाती है. यह कव्वाली मुझे पसंद है इसके लफ़्ज़ों से, इस खयाल से पुरानी [...]
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By eswami on October 4, 2010
मैं आपके साथ बांटना चाहता हूं कि कैसे पाकिस्तान का बढिया टेलेंट भी भारत विरोधी हरकतों में ज़ाया होता है! “अजीजी” सरेआम भारतीय जजों को खुसरा करार देते हैं और साथ ही अयोध्या फ़ैसले पर कैसे भडकाऊ बयानबाज़ी की जाती है देखिये संलग्न वीडियो में.
Posted in दिखा-ई | Tagged अयोध्या, पाकिस्तान, मीडिया, राम मंदिर, विवाद |
By eswami on May 20, 2010
जौन एलिआ को सुन कर एहसास हुआ, जो मीर और मिर्ज़ा से ले कर तमाम नाकाबिले-इंदिराज़ कह गए वो नासिर्फ़ नाकाफ़ी था बल्कि कई बरसों ऐसा कितना कुछ वो सुन कर हम वाह-वाह किया किये जो दर-अस्ल नाकाबिले-दाद था!
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By eswami on November 23, 2009
कुछ कलाएं ऐसी हैं जो जन्मी तो पश्चिम मे हैं लेकिन यदि उन्हे भारतीय स्पर्श मिले तो मामला ही कुछ और होगा! ये लेख ऐसी ही कलाओं के बारे मे है.
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By eswami on October 2, 2009
ओबामा और गूगल को आज गांधी याद आए हैं – वही गूगल जो हिन्दी में टेक्स्ट एड व्यवसाय नही करता! वही ओबामा जो लगतार पाकिस्तान को सामरिक मदद देते आ रहे हैं. ये है गांधी की सही-सही प्रासंगिकता!
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