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भगवान भगवान ट्याँऽऽऊँ.. ऊँऽऽ …ओ दुनियाँ के रखवाले

By eswami on August 6, 2008

बैजू बावरा में मो. रफ़ी के गाने “ओ दुनिया के रखवाले” के पार्श्वसंगीत में ट्याऊंऽऽऽ..ट्याऊंऽऽ..टूँऽऽऊँऽऽ..ऊँऽऽ गली के आवारा पिल्ले को नुक्कड के पंसारी की लात पडते ही उसकी काऊंऽऽ..काऊंऽऽ…ऊँऽऽऽ..ऊँऽऽ लोटपोट कॉमिक्स में रोते हुए मोटू-पतलू की बूऽऽऽहूऽऽहूऽऽहूऽऽ.. इन सभी में क्या एक सा है? करुण रुदन और उसको दर्शाता एक दर्दिला साऊंड इफ़्फ़ेक्ट! ढेर सारे [...]

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पीढी-दर-पीढी नाचोगे जैसा वो नचाएंगे?

By eswami on August 3, 2008

हिंदिनी पर शुरु में भारत से सेक्स,संभोग,नग्न आदी पर सर्च करते हुए ‘दर्शक’ पहुंचा करते थे. आजकल गीत,  कविता, सुर आदी पर सर्च भी बढी है और पाठक भी. मुझे ये खुशफ़हमी होने लगी थी की भारतीय इन्टरनेट प्रयोगकर्ताओं की बिरादरी में इन्टरनेट प्रयोग को लेकर परिवर्तन आ रहे हैं! यकायक लगने लगा की इन्टरनेट पर सुधि, जागरूक, देसी जीवों की ऑन-लाईन बाढ आ गई है.  हाल ही में स्पष्ट [...]

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