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Politics

ऋतु आई मतदान की री सखी!

By eswami on August 27, 2008

शुभ प्रसंग है! दो सितारों का जमीं पर है मिलन आज की रात! इधर बराक ‘अलबेला सजन आयो री’ ओबामा उधर हिलेरी ‘हुई चोरी चने के खेत में’ क्लिंटन! और रहे-सहे ‘अपनी तो ये आदत है के हम कुछ नहीं कहते’ ब्लागर्स! सबकुछ चुनावमय हो रहा है री सखी! अमरीका की तो छोड, भारत के अंग्रेजी चैनल इत्ते मनोयोग से  पूर्व-प्रबंध दिखा [...]

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स्मार्ट नेता बन, ब्लॉगर्स का भेजा चूस!

By eswami on July 20, 2008

(हे खास-आदमी, ज़रा इत्मिनान से पढ…नहीं तो आगे बढ!) (दृश्य १) कभी ज़मीन होती थी. ज़मीन पर, आम-आदमी होते थे;  घांसाहारी जीव थे. मांसाहारी नेता,  इन घांसाहारी जीवों का भेजा खाते थे. जब आदमी का भेजा खाने के लिये नेता जमीन पर आते थे, तब उन्हें ‘जमीन से जुडा हुआ नेता’ कहा जाता था. भेजा खाए जाने की प्रक्रिया में, आदमी,  चट कर भी अनुग्रहित महसूस  करता था. *_*_* [...]

Posted in खाम-खयाल-ई | Tagged America, अमरीका, ब्लॉगिंग, राजनीति, Blogging, features, Politics | 2 Responses

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