By फ़ुरसतिया on April 19, 2010
कल दिन भर पुराने कैसेट खोजकर कवितायें सुनी। स्व. रमानाथ अवस्थी जी की एक कविता मैं बहुत दिनों से खोज रहा था। कैसेट मिल नहीं रहा था बहुत दिनों से। कल एक बार फ़िर खोजा तब मिल ही गया। इस कैसेट में स्व. रमानाथ अवस्थी जी की कविता : आज इस वक्त आप हैं लेकिन, [...]
Posted in कविता, पाडकास्टिंग, मेरी पसंद | Tagged जिन्दगी, नदी, बह, रमानाथ अवस्थी, साथ
By फ़ुरसतिया on February 18, 2010
Posted in पाडकास्टिंग, मेरी पसंद | Tagged गगन, गीत, पंख, रमानाथ अवस्थी
By फ़ुरसतिया on February 15, 2010
पिछली पोस्ट में हिमांशु और अमरेन्द्र ने गीतकार लवकुश दीक्षित का गीत टुकुरु-टकुरु देउरा निहारै बेईमनवा सुनाने का आग्रह किया था। मैं पहले भी इस गीत को लवकुशजी की आवाज में ही पॉडकास्ट कर चुका हूं। लेकिन उस समय जिस मुफ़्तिया साफ़्टवेयर का प्रयोग किया था वह बाद में कामर्शियल हो लिया और हमारी पोस्ट [...]
Posted in कविता, पाडकास्टिंग, बस यूं ही | Tagged अवधी, गीत, देवर, देवरानी, भौजी, लवकुश, होली
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