फ़ुरसतिया

अनूप शुक्ला: पैदाइश तथा शुरुआती पढ़ाई-लिखाई, कभी भारत का मैनचेस्टर कहलाने वाले शहर कानपुर में। यह ताज्जुब की बात लगती है कि मैनचेस्टर कुली, कबाड़ियों,धूल-धक्कड़ के शहर में कैसे बदल गया। अभियांत्रिकी(मेकेनिकल) इलाहाबाद से करने के बाद उच्च शिक्षा बनारस से। इलाहाबाद में पढ़ते हुये सन १९८३में ‘जिज्ञासु यायावर ‘ के रूप में साइकिल से भारत भ्रमण। संप्रति भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत लघु शस्त्र निर्माणी ,कानपुर में अधिकारी। लिखने का कारण यह भ्रम कि लोगों के पास हमारा लिखा पढ़ने की फुरसत है। जिंदगी में ‘झाड़े रहो कलट्टरगंज’ का कनपुरिया मोटो लेखन में ‘हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै‘ कैसे धंस गया, हर पोस्ट में इसकी जांच चल रही है।

40 Comments

  1. Shiv Kumar Mishra

    बहुत अच्छा लिखा है! और लिखिए खूब सारा!

    शिब कुमार मिश्र: शुक्रिया। लिख तो रहे हैं! अऊर लिखें का?
    :)

  2. swapandarshi

    very nice! Thanks for being supportive to this little one

    स्वप्नादर्शी: आपकी प्रतिक्रिया के लिये शुक्रिया।

  3. seema gupta

    सोनी का परिचय अच्छा लगा, बेहद मासूम मगर होसले वाली लड़की है. हमारी शुभकामनाये हैं की उसका सपना पूरा हो और एक दिन उसका खूब नाम हो. ढेरो दुआओं के साथ……

    regards

    सीमाजी: शुक्रिया। आपकी दुआयें और शुभकामनायें उसके जरूर काम आयेंगी!

  4. विवेक सिंह

    घोर साहित्यिक पोस्ट !

    सोनी को हमारी भी शुभकामनाएं,

    हमारी ईश्वर से प्रार्थना है कि अब जो हो गया सो हो गया, पर अब सोनी को बड़ा आदमी अवश्य बनाएं,

    आप सोनी से कहना हमें भी याद करे बड़ा आदमी बनकर !

    विवेक: इसमें साहित्य कहां से दिख गया भैये। सोनी से तुम्हारा संदेशा बता दिया है। उसने कहा है कि पक्का याद रखेगी लेकिन बतौर निशानी चाकलेट खिलानी पड़ेगी ! :)

  5. Lovely

    सच लिखा है आपने “मुझे लगता है कि खुदा ने अगर दुखों की कोई जीरोक्स मशीन बनाई भी है तो इंसान भी कम नहीं है। अपने जुगाड़ से हौसलों की रेजोग्राफ़ मशीन बना लेता है। ”
    इसी विषय पर आपकी और अमर जी की प्रतिक्रिया में कितना अंतर है ..डाक्टर साहब सुन रहे हैं न ?:-)

    लवली: शुक्रिया:)

  6. वन्दना अवस्थी दुबे

    बहुत नेक काम किया है आपने, सोनी का हौसला बढा के. शारीरिक अपंगता आत्मविश्वास को कम करती है ऐसे में ज़रूरी है हौसला बढाना जिसे आपने बखूबी किया.वैसे ऐसा काम आप पहले भी कर चुके हैं शायद आपको याद हो……….इरादों को मजबूत करने वाला संस्मरण.

    वन्दनाजी: शुक्रिया। सोनी का हौसला तो बढ़ा हुआ ही है। आपके आशीर्वाद से इरादे और बुलंद होंगे। :)

  7. घोस्ट बस्टर

    आह!

    प्यारी पोस्ट.

    घोस्ट बस्टर: शुक्रिया। :)

  8. दरभंगिया

    अच्छा लगा.

    दरभंगिया: शुक्रिया! :)

  9. Saagar

    कुछ धार कल बहे थे कुछ आज… और दोनों अपने अपने सही हैं… रंग वाजिब है सभी यहाँ… जिसने जो देखा, पाया, महसूस किया और हुआ से लेकर भोगा वो सच हैं…

    निदा साहब ठीक ही ना कहते हैं…
    ” जितना बीते आप पर उतना ही सच मान.”

    आप एक अच्छे इंसान भी हैं… यह साबित होता है और थोडा रो कर दिल साफ़ भी हो जाता है… वो क्या है ना की हमने भी ट्रेजिक एंड ही ज्यादा देखे है वो ऐसे किस्से ड्रामाटिक रूप से भावुक कर जाते हैं और दिल में लगान का गीत बजने लगता है..

    सागर भाई! शुक्रिया। आपकी संवेदनशीलता को सलाम! !

  10. संजय बेंगाणी

    ई तो साहित्यिक टाइप हो गई. कहीं छपवाते क्यों नहीं?

    सोनी जो सोणी है…खूब बड़ी मानव बने….

    संजय बेंगाणी: शुक्रिया। छप तो गयी न! दुनिया भर में पढ़ भी ली लोगों ने। और का चईये!
    :)

  11. दिनेशराय द्विवेदी

    बहुत मार्मिक है। सोनी के ब्लाग पर हो आए हैं। हौंसले जवान हों तो कोई भी लक्ष्य बेधा जा सकता है और सहयोगी भी मिलते चलते हैं।

    द्विवेदीजी: शुक्रिया। सोनी खुश होगी आपका आशीष पाकर :)

  12. अर्कजेश

    एक संवेदनशील पोस्ट |
    इनकी ख्वाहिशें पूरी हों |
    जानकर ख़ुशी हुई की आप सिर्फ अच्छा लिखते ही नहीं नेक कार्य भी करते रहते हैं |

    अर्कजेशजी: शुक्रिया। नेक काम अगर कोई है तो हम सब अपनी खुशी के लिये करते हैं! किसी का हौसला बढ़ाने से खुद का हौसला बढ़ता है। :)

  13. dr anurag

    तभी तो मै कंचन को असाधारण लड़की कहता हूँ…हौसलों की उडान हमने भी देखी है अनूप जी …कई बार बेहद करीबी लोगो में ….ऐसे लोग जो बिना शोर मचाये जीवन गुजार देते है बिना शकायत किये …..पर आज आते वक़्त गुलज़ार का सोंग्स सुन रहा था ……जिंदगी में राह गए सिर्फ गिले .एक दिल से दोस्ती थे ये हजूर भी निकले कमीने ……
    . कभी हमने भी अपनी पोस्ट आदमी में मगर जिंदा शिकायते रही में यूँ लिखा था ……
    इस वक़्त हर आदमी के पास शिकायतों का एक पुलंदा है ….सिलेवार लगाई गयी तकलीफों सहेज कर रखी है ..ये तकलीफे मगर इस “टेक्नोलोजी सक्षम” समाज को धीरे धीरे अंधेरे गलियारे की ओर धकेल रही है ,ऐसा गलियारा जिसके दोनों ओर सजे गमलों में केक्टस लगे है ..नकारात्मकता के केक्टस …..

    एक वाक्य मुझे आज भी याद है …..
    लकड़ी की कुछ खपच्चियों को जोड़कर बनायी हुई जुगाड़ की एक नाव को चलाकर ८-१० साल की कुछ लड़किया रोजाना एक नदी को पार कर स्कूल जाती है ,राजिस्थान के इस गाँव में केवल दो लड़किया ही दसवी पास है…..NDTV की पत्रकार जब उनमे से एक बच्ची से पूछती है की वो क्या बनना चाहती है तो वो शर्माते हुए जवाब देती है “टीचर ”

    शुक्र है हौसलों की कोई उम्र नही होती ……..

    पर कमीना दिल …..कई बार उन दुखो को भी सूंघ लेता है जो दिखते नहीं ….या दुनिया जिन्हें दुःख नहीं मानती ….
    दुखो की जीरोक्स मशीन भी कुछ लोगो के हिस्से आती है …कुछ के नहीं….हमारी यही दुआ है ये किसी के हिस्से न आये ….

  14. वन्दना अवस्थी दुबे

    कमाल की कविता है. दुबारा कमेंट करने को मजबूर करने वाली.

    वन्दनाजी: शुक्रिया। प्रमेंद्रजी कानपुर के बहुत अच्छे गीतकार हैं। उनकी कई कवितायें बहुत अच्छी हैं। एक है:

    प्यार एक राजा है जिसका बहुत बड़ा दरबार है
    पीड़ा इसकी पटरानी है, आंसू राजकुमार है।

  15. vijay gaur

    sara viritant utsah janak hai. soni ko dhero shubhkanain.

    विजय गौड़: शुक्रिया! :)

  16. Abhishek Ojha

    सेंटी-सेंटी कर दिया आपने. सोनी तो सारी ऊंचाईयां छुएगी. बहुत बड़ा आदमी बनेगी ऐसा हमारा आर्शीवाद है. व्यर्थ नहीं जाएगा… आप नोट कर लो.

    अभिषेक: नोट कर लिया और सोनी को बता भी दिया। कह रही थी इत्ते सारे लोगों का आशीर्वाद है तो अब तो सफ़ल होना ही है। :)

  17. Nitin Bagla

    बालिक के हौंसले को सलाम।
    बेहतरीन पोस्ट!

    नितिन बागला: शुक्रिया।
    :)

  18. रंजना

    माना जीवन में बहुत-बहुत तम है,
    पर उससे ज्यादा तम का मातम है,
    दुख हैं, तो दुख हरने वाले भी हैं,
    चोटें हैं, तो चोटों का मरहम है,

    कविता की इन्ही पंक्तियों को दुहराना चाहती हूँ…..

    मैंने तो आजतक अपने जीवन में यही देखा है कि ईश्वर यदि किसी के कोई सामर्थ्य छींटे हैं तो उसके बदले उससे पता नहीं कई गुना बड़ा कोई दूसरा ऐसा सामर्थ्य दे देते हैं,जो सामान्य स्वस्थ शरीर वाले मनुष्य के पास नहीं होते…

    कद शरीर की होती कहाँ है,कद तो हौसलों की होती है …

    रंजनाजी: आपकी बात सच है-कद तो हौसलों की होती है …। हौसले से बहुत कुछ कर लेता है व्यक्ति।

  19. ज्ञानदत्त पाण्डेय

    क्या पण्डिज्जी, आज तो एक नया रंग दिखा दिया ब्लॉग पर। और मेरे पास प्रशंसा के शब्द नहीं जुट रहे हैं।
    और इस लड़की – सोनी को बहुत शुभकामनायें!

    ज्ञानजी: बच्ची के लिये आपकी शुभकामनायें बहुत हैं! प्रशंसा तो आप हमारी सदैव करते रहते हैं
    ! :)

  20. Dr.Arvind Mishra

    बड़ा होने पर लोग मिस करें या न करें क्या फर्क पड़ता है ऐसी अपेक्षा ही क्यों ?

    मिसिरजी, कोई अपेक्षा नहीं है। किसी के प्रति सहज सदाशयता प्रदर्शित करना कोई फ़्यूचर इन्वेस्टमेंट नहीं है। जैसे ही आप कोई अच्छा माना जाने वाला आचरण करते हैं आपको तुरन्त अच्छा लगता है। आप खुद की नजरों में बेहतर हो जाते हैं। वैस तो सब कुछ हम अपने सुख के लिये ही करते हैं (आत्मनस्तु वै कामाय सर्वम प्रियम भवति)! इससे ज्यादा और क्या अपेक्षा करना! :)

  21. shefalipande

    सोनी के हौसलों को नई उड़ान मिले ….मेरी शुभकामनाएँ उसके साथ हैं!

    शेफ़ाली जी: आपकी शुभकामनाओं का शुक्रिया।
    :)

  22. समीर लाल 'उड़न तश्तरी वाले'

    सोनी के बारे में जानना और पढ़ना बहुत अच्छा लगा. अन्न्त शुभकामनाऐं बच्ची के साथ.

    उपेन्द्र जी की रचना मन मोह गई..प्रमोद तिवारी जी वाली हमारी डिमांड अब तक जिन्दा है-वो राहों में भी रिश्ते फेम वाले प्रमोद तिवारी.

    आज आलेख पढ़कर उन्हीं की पंक्ति याद हो आई:

    मुश्किलों से जब मिलो आसान होकर ही मिलो,
    देखना,आसान होकर मुश्किलें रह जायेंगीं।

    -प्रमोद तिवारी

  23. anita kumar

    माना जीवन में बहुत-बहुत तम है,
    पर उससे ज्यादा तम का मातम है,
    दुख हैं, तो दुख हरने वाले भी हैं,
    चोटें हैं, तो चोटों का मरहम है,

    काली-काली रातों में अक्सर,
    देखे जग ने सपने उजले-उजले।

    यूं तो पूरी कविता ही बड़िया है, पर जो पंक्तियां दिल को छू जाएं वो सबसे अच्छी होती हैं। कानपुर निवासी कवि और लिख्खाड़ एक से बड़ कर एक हैं जरूर गंगा मैया का पर ताप…:) होगा। दूसरों को ब्लोगिंग करने के लिए उकसाने में आप का कोई सानी नहीं…आप ने ये जो सब की टिपण्णियों पर व्यक्तिगत रूप से जवाब देना शुरु किया है अपने आप में मास्टर स्ट्रोक है। सोनी बिटिया को आप का आशिर्वाद मिला है तो उसका भविष्य तो उज्जवल होना ही है, इस लिये उसे क्या कहें

  24. pallavi trivedi

    सोनी के हौसले को सलाम और आपको भी जिन्होंने हर पल उसका हौसला बढाया! इश्वर करे सोनी जल्दी से बड़ा आदमी बने!

  25. venus kesari

    अनूप जी आज आपकी पोस्ट पढ़ कर जाने कैसा कैसा लगा, कह नहीं पा रहा हूँ

    ऐसा ही हाल तब भी हुआ था जब आपकी वो पोस्ट पढ़ी ठ जिसमे आपने अपने भाई साहब के बारे में लिखा था

    सेंटी कर दिया आपने

    वीनस केसरी

  26. अभिनव

    बहुत उम्दा लिखा है. क्या कहें…

  27. hemant kumar

    जीवन के हर मोड़ पर कोई न कोई बड़ा सवाल मुंह बाये खड़ा होता है..।
    हौसला है तो सब कुछ है…।आभार ..।

  28. Manoshi

    अर्से बाद आपकी एक अच्छी पोस्ट आई है। बहुत अच्छी। मन भीग गया।

  29. Rashmi Swaroop

    “जिनके हौसले द्रिड़ और अटल होते हैं वे विश्व को भी अपने सांचे में ढाल लेते हैं…”
    ‘आखिर उसे बड़ा आदमी बनना है !’
    सोनी के साथ शुभकामनाएं और सर, आपको धन्यवाद और बधाई.
    :)

  30. Rashmi Swaroop

    sir, is cartoon ka mood kaise change kar sakte hain ? mai itte sadu mood me kabhi nahin hoti !

  31. kavya

    सही कहा, दुखों पर हौसलों को भारी पडना ही चाहिए।
    वैज्ञानिक दृ‍ष्टिकोण अपनाएं, राष्ट्र को उन्नति पथ पर ले जाएं।

  32. Gaurav Srivastava

    सर , बहुत प्रेरणादायक पोस्ट है . सोनी के होसले को सलाम
    ऐसे एक बार आपने बोअर्ड्स के तोपर्स के बारे में लिखा था .
    सर , इन पोस्टो को पड़कर हमें भी हिम्मत मिलती है की होसले और मेहनत से आगे बड़ा जा सकता है .

  33. चंद्र मौलेश्वर

    “ज्यादा प्यार के साइड इफ़ेक्ट ऐसे भी होते हैं”

    इसी प्यार ने सभी कानपुर वासियों को ‘अच्छे लोग’ का सर्टिफ़िकेट मिला है। बधाई:)

    सोनी पाण्डेय को सफ़लता का चरम चूमे और वो इत्ती बड़ी बने कि उस ऊंचाई पर सब बौने तो लगे पर सभी अपने लगे:)

  34. dil ek purana sa museum hai

    soni ko shubhkaamnaayen
    is post ke lie shukriya

  35. कुश

    आप भी इमोशनल हो रहे है.. क्लोनिंग का शिकार तो नहीं हो रहे है सर..

    वैसे सोनी का ब्लॉग बढ़िया है.. हम भी टिपियाये

  36. soni pandey

    sabse pahele thnx a lot all of u. anup sir i think u r the greatest person in this world. ab aapne sabse parichy krwa diya hai mera . sir mai chahti hun ki aap mere bare me kuch hat k likhe jaise…………….mai chahti hun kiaap log mujhe itna ashirwad de ki mera nam toppers ki list me aaye u know i m going to taking addmission in K.I.E.T GHAZIABAD. i m B-tec 2nd year student. 1 thing i want 2 tell u actually this time i’ll b very busy to our study. i promiss all of u, after finish my study i’ll write something achcha-2 on my blog. aap sab log mujhe ashirwad dete rahiye taki mai top karu.

  37. हिमांशु

    काफी संवेदनापूर्ण अभिव्यक्ति । प्रेरणा की कुहुक उठ रही है अन्तर में । आभार ।

    सोनी को शुभकामनायें ।

  38. मीनाक्षी

    सोनी बिटिया किसी से कम नहीं… सौ फीसदी यकीन है कि वह ”बड़ा आदमी ज़रूर बनेगी” प्यार और आशीर्वाद

  39. kamlesh verma

    इस भौतिकता के युग में आप जैसे भी हैं जो किसी के मर्म को इस शिद्दत से महसूस करते हैं ,अन्यथा आज किसी को कहाँ समय है किसी के बारे सोचने या बताने को ,आप मार्ग दर्शक के रूप में एक उदाहरन हैं..लोग भी सीख ले सकते है …आपको आपके इस नेक कार्य की बधाई …..

  40. kanchan

    देर से आने हेतु क्षमा

    सोनी बड़ी प्यारी बच्ची है… मैने बात की उससे…! she is very confident…!

    मैने मन से दुआ की उसकी खुशियो के लिये….! वो तो यूँ भी बड़ी आदमी बन चुकी है।

    मगर एक बात और कहना चाहूँगी यहा… कि सोनी और तरन्नुम दो अलग अलग केस हैं। बिलकुल वैसे ही जैसे मैं और अनुराग जी की टिप्पणी पर जिनका ज़िक्र किया गया वो दीदी…!

    कुछ लोगो से कहा जाता है कि यूँ हमेशा गंभीर क्यों रहती हो मस्त रहो और कुछ लोगो से कहा जाता है कि यूँ हमेशा मस्त क्यों रहती हो गंभीर बनो…! यही मूल अंतर है, जो किसी को तरन्नुम और किसी को सोनी बनाता है।

    सोनी के जीवन के लिये अनंत शुभकामनाएं…! और हाँ बड़ा आदमी बनना तो थोड़ी बहुत कृपा दृष्टि इधर भी करती रहना…

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