By फ़ुरसतिया on August 15, 2006
[आज स्वतंत्रता दिवस है। आज ही अभिव्यक्ति अपने सातवें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस ऐतिहासिक मौके तथा शानदार उपलब्धि पर सबको बधाई! इस अवसर के लिये पूर्णिमाजी ने मुझे झंडा गीत के अमर गीतकार श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' का परिचय लिखने का काम दिया था। मेरा तथा शोभा स्वप्निलजी का संशोधित लेख अभिव्यक्ति में [...]
Posted in इनसे मिलिये, कानपुर |
By फ़ुरसतिया on December 18, 2005
[अतुल की एक पोस्ट के जवाब में मैंने कानपुर के बारे में लेख लिखा था- झाड़े रहो कलट्टरगंज। उसे बाद में विस्तार देना हो नहीं पाया। इधर काफी दिन से हमें लग रहा था कि अपने शहर में बहुत कुछ है जो नेट पर आना चाहिये।मेरा विचार है कि कानपुर के व्यक्तित्वों का परिचय दिया [...]
Posted in इनसे मिलिये, कानपुर |
माह के सर्वाधिक टिप्पणी प्राप्त आलेख