By फ़ुरसतिया on November 8, 2011
[कल जागरण समूह की संस्था लक्ष्मी देवी ललित कला अकादमी में स्व. श्रीलाल शुक्ल की स्मृति का आयोजन किया गया। लोगों ने उनके बारे में अपनी राय रखी। मैंने भी अपने संस्मरण सुनाये। वहीं पर प्रसिद्ध आलोचक स्व. देवी शंकर अवस्थी की पत्नी आदरणीया कमलेश अवस्थी जी भी आईं थीं। श्रीलाल शुक्ल जी बेटी रेखा [...]
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By फ़ुरसतिया on August 3, 2011
यह पोस्ट इंदौर के सुनील पाटीदार की है। उन्होंने पिछली पोस्ट पर टिपियाया और मेल से अपना यह लेख भेजा। छापने के लिये। सुनील परसाई जी और शरद जोशी जी के प्रशंसक हैं। यह माह परसाई जी का जन्म माह है। इसलिये माह की शुरुआत परसाई प्रशंसक के ही लिखे से होने से बेहतर और [...]
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By फ़ुरसतिया on May 30, 2011
करीब चार साल पहले आलोक पुराणिक का साक्षात्कार किया। उनका परिचय लिखते हुये लिखा गया था: आलोक पुराणिक [आलोक पुराणिक हिंदी व्यंग्य के जाने माने युवा लेखक हैं। गत दस वर्षों से व्यंग्य लेखन में सक्रिय आलोक पुराणिक से जब व्यंग्य लेखन के पहले के कामकाज के बारे में पूछा गया तो जवाब मिला-‘इससे पहले [...]
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By फ़ुरसतिया on August 3, 2009
[आज डा.अमर कुमार, डा.समीरलाल और ज्ञानगुरु ज्ञानजी ने पत्नी महिमा का दबे-छुपे वर्णन किया है। ऐसे में हम एक बार फ़िर कह रहे हैं जो हम ठीक दो साल ग्यारह महीने पहिले कह चुके हैं कि पतियों को अपनी असलियत का अन्दाजा होना चाहिये। उनको पता होना चाहिये कि पति सिर्फ़ एक आइटम होता है।] [...]
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By फ़ुरसतिया on January 28, 2007
[परसाईजी के लेखों की श्रंखला में आज पेश है उनका प्रसिद्ध व्यंग्य लेख- पहिला सफेद बाल। इस लेख में जो यौवन की परिभाषा परसाईजी ने बतायी है वह मुझे खासतौर पर आकर्षित करती है-यौवन नवीन भाव, नवीन विचार ग्रहण करने की तत्परता का नाम है; यौवन साहस, उत्साह, निर्भयता और खतरे-भरी जिन्दगी का नाम हैं,; [...]
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