संस्मरण

….देश बड़ी इस्पीड में चल रहा है

एक बार फ़िर हमें यात्रा पर निकलना पड़ा। दफ़्तर के काम से कोलकता जाना था। रेल में रिजर्वेशन मिला नहीं। सो उड़ते-उड़ाते गये। वैसे तो लखनऊ से कोलकता की सीधी उड़ान है लेकिन एयर इंडिया की नहीं है। उनसे जाने के लिये पूर्वानुमति जरूरी होती है। पिछली अनुमति चार महीना हुये नहीं मिली इसलिये कोलकता [...]

…एक घंटे की हवाई यात्रा

…एक घंटे की हवाई यात्रा

दिल्ली से की उड़ान सबेरे दस बजे थी। हम गेस्ट हाउस से आराम से चले ताकि हवाई अड्डे पहुंचते हुये हड़बड़ा सकें। इस हड़बड़काल में हमें अपने बगल से गुजरता हर व्यक्ति अपना रकीब सा लगा जो हमसे आगे निकलकर हमें यात्रा वंचित करना चाहता है। चेकइन होते ही हड़बड़ी विदा होने लगी। इसके बाद [...]

…यादें हायपर लिंक की तरह होती हैं

…यादें हायपर लिंक की तरह होती हैं

कल मेरे कालेज के सीनियर और मेरे बेहद अजीज ज्योति पाण्डेयजी ने मुझे दो फ़ोटो भेजे। इन दोनों में मैं उनके साथ हूं। पहली फोटो में बायें से तीसरा ज्योति पाण्डेय के कन्धे पर हाथ रखे फ़ोटो-स्माइल मारते हुये (मोनेरेको इलाहाबाद में सन 1982-83 में कभी) और दूसरी फोटो टेल्को, जमशेदपुर के आफ़ीसर्स हास्टल की [...]

बसंत पंचमी पर निराला जी के बारे में

[आज बसंत पंचमी को निरालाजी का जन्मदिन मनाया जाता है। इस मौके पर पहले यह लेख फ़िर से पोस्ट कर रहा हूं- निरालाजी को विनम्रता पूर्वक याद करते हुये। मास्टर साहब की टिप्पणी ( आज बसंत पंचमी पर सामयिक लगा यह लेख सो खिंचे चले आये ! जानकारी मिली ! आभार!) ने इसके बारे में [...]

नये साल में और गये साल में कुछ मुलाकातें

नये साल में और गये साल में कुछ मुलाकातें

गुलाबी शहर में मिलना कुश से और लविजा के पापा से बीता साल मजेदार बीता। तमाम अच्छे अनुभव जुड़े। उनके बारे में फ़िर कभी विस्तार से लिखेंगे। फ़िलहाल आप गये साल और नये साल के कुछ फ़ोटो देखिये। गये साल के आखिरी दिनों में राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, अजमेर ,पुष्कर जाना हुआ। जयपुर में कुश [...]