- …मगर अब साजन कैसी होली
- लिखौं हाल मैं ब्लागरगण का, माउस देवता होऊ सहाय
- …जहां भी खायी है ठोकर निशान छोड आये
- जीवन पथ पर मिले इस तरह जैसे यह संसार मिला
- मेरे पंख कट गये हैं वरना मैं गगन को गाता
- टुकुर-टुकुर देउरा निहारै बेईमनवा
- बसन्त राजा फ़ूलइ तोरी फ़ुलवारी!
- …अथ कोलकता मिलन कथा
- बसंत पंचमी पर निराला जी के बारे में
- नये साल में और गये साल में कुछ मुलाकातें
सूचना
ब्लागर समारोह का उद्घाटन और सत्यार्थ मित्र का विमोचन
और ये शानदार टाइप उद्घाटन हो गया।
नामवर जी दीप जला चुके हैं। ज्ञानजी विषय प्रवर्तन कर चुके। रवि भाई ब्लाग की जानकारी दे चुके। अजित भाई सत्यार्थ मित्र के बारे में बता चुके। किताब विमोचित हो चुकी। किताब के बारे में दो लोग बता चुके यह कहते कि उन्होंने किताब पूरी पढ़ी नहीं।
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जीतू- जन्मदिन के बहाने इधर उधर की
जीतेन्द्र
आज नौ सितम्बर है। जीतेन्द्र का जन्मदिन आज के ही दिन पड़ता है। वे भी हमारी तरह सितम्बरी लाल हैं। कहते हैं कि सितम्बर में पैदा हुये लोग कलात्मक प्रतिभा से युक्त होते हैं। लेकिन जीतेन्द्र को देखकर लगता नहीं कि वे उन पर इस सितम्बरी प्रदूषण का कोई असर है। लगता है [...]
सुनि प्राब्लम चेलाराज की , गुरुवर भये फ़ौरन ही हलकान
आज शिक्षक दिवस है। लोग कहते हैं कि शिक्षा का स्तर गिर गया है। पतित हो गयी है शिक्षा व्यवस्था। हर तरफ़ ट्यूशन का बोलबाला है। जितने मुंह उससे चार गुनी बातें!
हर जागरूक व्यक्ति का हर मामले में कुछ न कुछ “मेरा तो यह मानना है” रहता है । जागरुक चाहे एक बार भले [...]
हरिशंकर परसाई- विषवमन धर्मी रचनाकार (भाग 2)
हरिशंकर परसाई
परसाई जी तमाम प्रसंशक उनकी तमाम खूबियों और खामियों से परिचित होंगे। उनके व्यक्तित्व के कुछ ऐसे पहलू भी थे जिनसे उनके तमाम प्रसंशक नावाकिफ़ होंगे। उनके लेखन में दोहराव की बात भी होती है। परसाईजी के अभिन्न मित्र मायाराम सुरजन ने उनके बारे में लिखते हुये उनकी खूबियों और [...]
गर्मी का सौन्दर्य वर्णन
गर्मी की अब चला-चली की बेला है। कुछ दिन में गर्मी अपना चार्ज बारिश को देकर चली जायेगी । बारिश शपथ ग्रहण के लिये कसमसा रही है। गर्मी से मौसम की सत्ता बारिश को हस्तांतरित होने के बाद फ़िर बारिश का जलवा होगा। नाले-नालियां उफ़नायेंगे। सूखा राहत कोष में बंटने वाली बची धनराशि बाढ़ राहत [...]






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