By फ़ुरसतिया on February 24, 2009
आजकल लुलिन धूमकेतु के आने की बात चल रही है। बताया गया कि २३-२४ फ़रवरी को दिखेगा। कल अरविन्द मिश्र को दिखा नहीं। शायद आज दिखा हो। अंतरिक्ष बहुतों की तरह हमारे लिये भी जिज्ञासा का विषय रहा है। बचपन से अब तक इत्ती बातें पढ़ीं हैं कि बहुत कुछ तो गड्ड-मड्ड हो गयी हैं। [...]
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By फ़ुरसतिया on February 23, 2009
चिठेरी: रे चिठेरे! कैसे हाल हैं तेरे! चिठेरा:न पूछ तेरे बिन रहा न जाये! चिठेरी:आये हाये! क्या केने, क्या केने! वेलेंटाईन डे निकल गया तब रोमांटिक हो रिया है तू! हमेशा का फ़िसड्डी रहा है रे। बस छूटने पर हांफ़ते हुये भागता है! चिठेरा:क्या करूं! आदत से बेवफ़ाई भी तो नहीं कर सकता न! मजबूर [...]
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By फ़ुरसतिया on February 19, 2009
बेइज्जती तो आज तक हुई : पिछ्ली पोस्ट में सतीश सक्सेनाजी ने लिखा-जीतू भाई के कमेंट्स कन्फ्यूज कर रहे हैं अनूप भाई !!!!! उधर जीतेन्द्र के कमेंट देखे तो पता लगा वो लिखे थे-हमारे शुकुल भी ना, अपने टाइप के एक ही बने है। आप इनको कोई व्यक्तिगत और गोपनीय बात बताओ, घंटे भर मे [...]
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By फ़ुरसतिया on February 17, 2009
आज से नहीं जी हमेशा से देखा गया है कि जब कोई आदमी काम नहीं करता तो बहानेबाजी करने लगता है। कम शब्दों में कहा जाये तो -कामचोर व्यक्ति बहानेबाज होता है । अगर आप अपने मन की मनवाना चाहते हैं तो इस तरह कह लें कि बहानेबाज व्यक्ति कामचोर हो जाता है।अब जब व्यक्ति [...]
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By फ़ुरसतिया on February 14, 2009
और देखते-देखते वेलेंटाईन दिवस आ गया। हम सोचते ही रह गये कुछ लिखा जायेगा लेकिन न लिख पाये। सोचा दो साल पहले का लिखा हुआ दुबारा पढ़वाया जाये। जो साथी इसे पहले ही पढ़ चुके हैं उनको झांसा देने के लिये ऊपर पोस्ट का शीर्षक बदल दिया है लेकिन ईमानदारी के तकाजे के तहत बता [...]
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