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फुरसतिया
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बादल

….बरखा रानी जरा जम के बरसो

By फ़ुरसतिया on July 18, 2010

देश में मानसून आ गया है। छा गया है। लेकिन हमारे इधर अभी बारिश जम के नहीं हुई है। न सड़कें भरी हैं न नालियां जाम। बारिश में भीगने की तमन्ना तो खैर सालों से है। भीगने से डर से इसको हम अमल में नहीं लाते। बहरहाल इसी बहाने एक पुराने लेख का रिठेल देखिये। [...]

Posted in बस यूं ही | Tagged इंद्र, बदली, बादल, बारिश, मुंबई, रामपुर | 29 Responses

पानी बरसा जोर से

By फ़ुरसतिया on July 5, 2008

बारिश पानी बरसा जोर से , खड़ी हो गयी खाट, छत से पानी टपकता, घर की लग गयी वाट। घर की लग गयी वाट, झमाझम पानी बरसे, जो सूखे से थे सूखते, वे अब सूखे को तरसे। सूरज भागा जोर से, छुपा बादलों की ऒट, जैसा कोई नेता भगे, डलवा के सब वोट। पानी बरसत [...]

Posted in कविता, बस यूं ही | Tagged पानी, बादल, बारिश, cloud, features, rain, water | 19 Responses

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