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चिट्ठाकारों की समस्याएं और कुछ सुझाव
अमरीकी ब्लागमंडलों में और टेक्नोराती पर इस खबर को काफ़ी गंभीरता से लिया जा रहा है, सीएनएन पर भी इस पर तवज्जो दी गई है.
कैथी सिएरा नामक तकनीकी ब्लागर को उनके ब्लाग पर बेनामीं टिप्पणियों में मौत की धमकियां दी गईं. एक समूह ब्लाग में उनकी तस्वीरें लगाई गईं जिसमे चेहरा विकृत किया गया था. जिस साईट पर इन तस्वीरों को चस्पा कर दिया गया था उसे बंद करना पडा.
कैथी सिएरा के जीवन में इन सब के चलते काफ़ी उथल-पुथल रही, यहां तक की उन्होंने आई.टी. उद्योग तक छोडने का मन बना लिया था लेकिन वे अब भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हिमायती हैं. इन्टरनेट पर आत्मानुशासित व्यव्हार करने पे ज़ोर कायम है. हमेशा की तरह ब्लागर समुदाय सहब्लागर कैथी के समर्थन में आगे आया. आशा की जाती है की वे इस अनुभव को पीछे जोड कर हमेशा की तरह लिखना जारी रखेंगी.
इस खबर नें इन्टरनेट पर बेनाम रहने या ना रहने की बहस को पुन: ताज़ा कर दिया है. बात इस प्रकार की धमकियों की घटनाएं आम नहीं हैं लेकिन यह इस प्रकार की पहली घटना भी नहीं.
समस्याएं और भी हैं -
हैकिंग के हमलों, आईडेंटिटी थेफ़्ट जैसे अपराधों के चलते इंटरनेट पर हर साल करोडों डालर्स का नुकसान होता है. तकनीकी रूप से दक्ष लोग भी इन हमलों का शिकार होते हैं. व्यव्हारिक समस्या ये है की अभी भी इन्टरनेट अपराधों पे लगाम कसने वालों की संख्या कम है.
इन्टरनेट को वर्चुअल या आभासी कह कर इसे हल्के तौर पर नही लिया जा सकता खास तौर पर जब व्यक्तिगत जानकारी का आदान-प्रदान खुले आम इस अनियंत्रित माध्यम से किया जाता हो. इन्टरनेट की सुविधा और सुलभता के साथ साथ कुछ सर-दर्द भी प्रयोगकर्ता के पल्ले पड जाते हैं.
चिट्ठाकारों को दिये जाने वाले कुछ आम सुझाव – ये सुझाव चिट्ठा कैसे लिखें उस पर नहीं हैं
१. अपनी साईट यदी स्वयं होस्ट करते हैं तो हू-इज़ सूचना गुप्त रखने की कोशिश करें.
२. ब्लाग-सूचनार्थ, व्यक्तिगत और व्यवसायिक इमेल खाते अलग रखें.
३. दूसरों की व्यक्तिगत जानकारी का सम्मान करें.
४. किसी पक्ष की वकालत, किसी विषय की सूचना और किसी परिस्थिती पर संभाष्य तीनों की लेखन शैली का विभेदन समझें.
५. अगर असली नाम का प्रयोग कर के चिट्ठाकारी कर रहे हों तो खास तौर पर बेनामी व्यक्तिगत आक्रमणों को अव्यक्तिगत रूप से लें. व्यक्ति और विचार का फ़र्क करना सीखें. अगर छद्मनाम का प्रयोग कर रहे हों तो जिम्मेदारी की भावना का परिचय दें.
६. किसी भी समस्या की सूचना समूह को दें.
इंटरनेट प्रयोग के आम सुझाव –
१. राऊटर का प्रयोग करें -और जब कंप्यूटर का प्रयोग ना कर रहे हों तो इंटरनेट का ट्रैफ़िक बंद कर दें.
२. अपने कंप्यूटर पर अच्छे एंटीवायरस, फ़ायरवाल, स्पायवेयर कंट्रोल का प्रयोग जरूर करें.
३. अपने कंप्यूटर साफ़्टवेयर्स को अपडेट कर के रखें.
४. गोपनीय सूचना रिमुवेबल ड्राईव पर रखें और काम पूरा होते ही ड्राईव को अलग कर दें.
५. अपने ब्राऊजर पर ब्राऊज़र हेल्प ऑब्जेक्ट्स को जरूरत ना होने पर निष्क्रिय कर के रखें.
इससे बढिया भी कुछ मिला?
उल्लेख
- ई-स्वामी » ट्रॉल्लिंग: हिंदी-चिट्ठाकारी में नया शगूफ़ा! - [...] समय के साथ ये हुआ है की जो लोग कल तक डिसकशन-फ़ोरम्स से जुडे थे वे आज चिट्ठाकारी से ...



















गम्भीर समस्या है। आपके सुझाव महत्वपूर्ण है। धन्यवाद इस ओर आकर्षित करने के लिये।
आपके सुझाव निस्संदेह बहुत महत्वपूर्ण हैं . बस इनकी प्रयुक्ति की दरकार है और थोड़ा सावधान रहने की ज़रूरत है .
आपकी बात हम जैसे छद्म नामधारियों के छद्म नाम रखने के निर्णय लेने को सही ठहराती हैं। कई बार लोग हमारे गुप्त रहने को अन्यथा लेते रहे हैं। अब हम ऐसे भी महान लेखक नहीं कि लोगों को हमारी सूरत या असली नाम में कोई विशेष रुचि हो।
इस लेख को लिखने व हमें आगाह करने के लिये धन्यवाद।
घुघूती बासूती
मतलब कि समस्या जटिल है..और हल अभी तक दृष्टि में नहीं है..सेल्फ़ सेंसर कैथी के करने से क्या होगा..वो तो बेचारी टेक्नोलोजी पर लिखती हैं..यदि अपराधी मानसिकता के लोग आत्म नियन्त्रण में यक़ीन रखते तो उनका अपराधी होना कैसे सिद्ध होता?.. आपके सुझाव मूल्यवान है बावजूद इसके कि वो बेनामी हमलों को रोक नहीं सकते.. सिर्फ़ उनका सामना करने की बेहतर मानसिक तैयारी कराते हैं..
आपकी यह पोस्ट बहुत प्रासंगिक है।
कृपया डोमेन स्वामियों के हू-इज डाटाबेस की प्राइवेसी के उपायों के बारे में कुछ विस्तार से लिखें। ICANN इससे संबंधित नियमों में कुछ बदलाव करने जा रहा है। अंग्रेजी के कुछ फोरम पर इस विषय पर परिचर्चा जोर-शोर से चल रही है। हिन्दी चिट्ठाकारों को इसकी बुनियादी और जरूरी बातों के बारे में जानकारी देने का कष्ट करें।
जानकारी और सुझाव के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद
बढ़िया जानकारी। लग रहा है कि मै भी अब छद्म नाम का प्रयोग किया करूँ।