प्रति जोडें: प्रविष्टियों की | टिप्पणीयों की

अपने ब्लॉग की थीम (टैंप्लेट) कैसे चुनें और संवारें?

8 टिप्पणियां
Delicious

इस लेख में आपको मिलेगी अपनी थीम या टैंप्लेट को दूसरों की थीम से तुलना करने की और उसे बेहतर करने की एक शानदार जुगत!

थीम, स्टाईल, टैंप्लेट आदी नाम कई हैं पर काम एक ही है – आपके ब्लाग मसौदे का प्रस्तुतिकरण.

मेरा एक मित्र दिल्ली शहर के एक बडे होटल का माना हुआ शेफ़ है. एक बार उसने कहा था की जब तुम खाना खाते हो तो उसे पांच अलग अलग तरीके से खाते हो - पहले आंखों से, फ़िर नाक से, फ़िर ज़ुबान से फ़िर तन से फ़िर मन से. अगर एक भी विभाग कमजोर है तो अनुभव अधूरा रह जाएगा और अगर इनका ताल-मेल और संतुलन नहीं है तो भी – ये विज्ञान कम कला अधिक है!

ठीक वैसे ही आपके ब्लाग की थीम का हर पहलू पाठक के मन और मूड पर असर डालता है – सीधे मुख्य और पहली पांच बातों पर आते हैं की अपने ब्लाग को स्वादिष्ट कैसे बनाएं -

रंग का चुनाव: रंग व्यक्तित्व का आईना हैं – जैसे की गुलाबी रंग स्त्रैण विषयों से जुडे ब्लाग्स पर अधिक प्रयोग किये जाते हैं.

अगर आप बनी बनाई थीम या टैंप्लेट का प्रयोग कर रहे हैं तो  मान के चलिये आपके थीम डिजाईनर नें रंगों के तालमेल पर बहुत वैज्ञानिक सोच का प्रयोग किया है – ये उस्तादों का काम है. मसलन, आंखों को चुभने वाले कठोर रंग या फ़ांट को पढने में अडचन देने वाले रंगों से बचा गया है. आपकी फ़ांट का डिफ़ाल्ट आकार भी कई चीजों पर निर्भर करता है. आपके अधिकतर पाठकों के कंप्यूटर मानिटर का रिजाल्यूशन, उनका आयूवर्ग आदी सब सोचा समझा गया है.  अब दारोमदार आपके चुनाव पर है – विषय के अनुरूप रंग और फ़ांट के सही आकार का चुनाव करें और अपने पाठकों की राय जानें.

चित्रों का चुनाव: चित्र, उनका विषय,  आकार और स्थिती अपने वजन की वजह से ध्यान, पठनीयता और मूड को प्रभावित करते हैं - कोशिश ये हो की मसौदे को पूरी तवज्जो मिले.. इसलिये चित्रों का आपस में और लेख के साथ तालमेल और संतुलन जरूरी है. आजकल चित्रों पर जोर अधिक है चूंकी वे भावों को प्रथम-दृष्टया अधिक आसानी से व्यक्त कर सकते हैं.

नोट: सही चित्रों का तालमेल बिठाना एक बार में हो संभव नहीं है और ये समय लेता है.

सरंचना और उपयोगिता: मानकों (standards) का औचित्य है, हर देश में सडक के हिसाब से कार का स्टेयरिंग किसी एक बाजु होता है. इन्डिकेटर की और ब्रेक/एक्सेलेटर की जगह तय है – ताकी गाडी चलाने का अनुभव खुशनुमा हो और सुरक्षित भी. इसका भी एक विज्ञान है. ज्यादा कलाकारी भी भारी पड जाती है. ठीक वैसे ही टेंप्लेट में नेविगेट करने वाली चीज़ें की स्थिती आपके ब्लाग नेविगेशन को - एक पन्ने से दूसरे तक जाने के काम को सहज बनाए. इस विषय पर मेरा पिछला ब्लाग भी पढें.

व्यक्तिगत स्पर्श: मैंने एक ब्लाग देखा था जिसमें लेखक ने एक कोना अपनी चार साल की बच्ची द्वारा बनाई गईं पेंटिंग्स के खिंचे चित्रों को सजाने के लिये रख छोडा था. कोई भी अच्छा मानवीय आईडिया व्यक्तिगत ब्लाग की सुंदरता में तो चार चांद लगा देता है. जाना-माना http://postsecret.com तो इस का ओवर द टॉप (चरम) उदाहरण है – साईट का रंग काला है ताकी चित्रों पर ही ध्यान हो – (शायद आम ब्लाग्स में ये करना जघन्य अपराध सा हो). आपकी टैंप्लेट में ऐसी चीजों की सही और संतुलित जगह जरूर हो – लेकिन  ऐसे फ़ीचर्स ब्लाग को सराबोर ना करें. मसलन एक के नीचे एक आज का दोहा, आज का चुटकुला, आज का ये आज का वो .. ज्यादा हो जाता है.

जुगत: तो अब तैयार हैं आप अपनी जुगत के लिये?  ये है इन्टरनेट एक्स्प्लोरर डेवलपर टूल बार – इसके लंबे नाम से डरिये नहीं. अगर आप IE प्रयोग करते हैं तो इसे माईक्रोसाफ़्ट की साईट से डाऊनलोड कर के इन्स्टाल कीजिये.

अब अपने IE ब्राऊजर में view-> explorer bar -> IE developer bar पर क्लिक कीजिये. अपनी साईट खोलिये – आपके ब्राऊजर के निचले हिस्से में आपको दिखने लगेगी आपकी साईट की सरंचना – टूल से खेलिये और जानिये अपने ब्लाग के नेविगेशन और अंग-प्रत्यंगों के गुणों को और उसकी तुलना किसी मनपसंद सुंदर साईट से कर के अपनी टैंप्लेट में क्या परिवर्तन करने/करवाने हैं ज्ञात कीजिये. काम होने पर डेवलपर बार को फ़िर से मिन्यू में जा कर अन-चेक कर दीजिये…. और हां अपने अनुभव हमसे और दूसरों से बांटिये भीं

  1. अच्छी पोस्ट । चित्रों का प्रयोग तो हम अपनी पहली पोस्ट से ही कर रहे हैं :)

  2. अच्छी जानकारी. वैसे हम हिन्दीनी की थीम की प्रशंसा फुरसतीयाजी के आगे कर चुके है.

  3. बहुत बढिया.. मगर आपका ये पोस्ट दो-दो बार क्यों दिख रहा है??

  4. eswami ने कहा:

    @Prashant Priyadarshi – अब ठीक कर दिया है!

  5. बड़े काम की टिप्स हैं । थोड़ा फ़ायरफाक्सफीलिया पर प्रकाश डालना चाहेंगे ?
    इसके प्रति अप्रतिम प्रेम व अतिशय पैरवी आखिर गले में अटक क्यों जाती है,
    क्या मैं ग़लत हूँ ?

  6. महोदय जी,इतनी महत्वपूर्ण व उपयोगी जानकारी देने के लिए हार्दिक आभार….इस तरह की जानकारियां बहुत मुश्किल से मिलती है… आशा है भविष्य में और भी उपयोगी जानकारियां देते रहेंगे ….. बहुत-बहुत शुक्रिया…..

टिप्पणीं करें

गूगल ट्रांसलिटरेशन चालू है(अंग्रेजी/हिन्दी चयन के लिये Ctrl+g दबाएं)