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ग्वालन नहीं बवालन हूं मैं

5 टिप्पणियां
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भैंस जब पूंछ उठाएगी
गोबर करेगी
गाना नही गाएगी

ऊँटनी जद्द मूं खोल्लेगी
अलाने दी बू आवेगी
माउथवाश दी नीं आवेगी

वन्स अपान ए टेम, एक गांव मे एक औरत रहती थी. जनता उस से परेशान थी. वो जब भी मूंह खोलती थी, अपशकुनी अनाप-शनाप ही बोलती थी. अब समय आने पर इस औरत के बेटे की शादी तय हो जाती है. गांव वाले विचारते हैं – यार इस बुढिया को कमरे मे बंद कर दो शुभ काम के समय इस की बकवास से माहौल खराब होगा .

सो ऐन शादी के रोज इस औरत को गांव वाले रसोईघर मे बंद कर देते हैं – “तुझे तेरी आदत का पता है, तू रसोईघर की खिडकी से सब देख और मूं बंद रख!”

अब बुढिया देख रही है खिडकी से, गांव वालों ने पूरा शो संभाला है, बेटे की सेहराबंदी चल रही है – सब सही जा रहा है मगर बस दूल्हे का सेहरा जरा सा टेडा है. अब जैसे-तैसे मूह बंद रखा पर रहा नही जा रहा बुढिया से, मूंह खोलती है और बोलती है – “ओये सेहरा तो सडा लो सीधे, मूंह तो दिक्खै कलमूहे का!”

भईये, ये तुकबंदियां, ये किस्से सब कहीं नही लगते बारबरा बुश के ताज किस्से के आगे. (बारबरा बुश – जार्ज डब्लू बुश की अम्मा, बुश सीनियर जो क्लिंटन के पहले अमरीका राष्ट्रपति था उसकी पत्नि – याद आया!)

मैडम गईं कैटरीना तूफ़ान से पीडित लोगों के हाल का जायजा लेने. फ़िर दिए इन्टरव्यू और क्या बकवास की है – उफ़्फ़!

“What I’m hearing, which is sort of scary, is they all want to stay in Texas. Everyone is so overwhelmed by the hospitality,” she said in a radio interview from the Astrodome in Houston, Texas.

मै जो सुन रही हूं, भयावह किस्म का सा है, कि वो सभी (तूफ़ान से प्रभावित लोग – अधिकांश विस्थापित गरीब अश्वेत) टेक्सस मे ही बस जान चाहते हैं. हर एक मेहमाननवाजी से अभिभूत है”

“And so many of the people in the arena here, you know, were underprivileged anyway, so this (CHUCKLE)— this is working very well for them,” she said.

“..और इस बडे खेमें मे रहने वाले अधिकांश लोग वैसे भी गरीब ही तो थे – (हंसी) ये उनके लिए बहुत सही बंदोबस्त रहा है”

शब्दों के चयन और पंक्तियों के बीच जो कहा है उसका भावार्थ कहने वाले को शक का फ़ायदा देते हुए अगर माफ़ भी किया जा सकता होता, तो उस संभावना की बची-खुची कसर इन्टरव्यू के दौरान आवाज के हंसी उडाउ लहजे से जाती रही! जिसकी आडियो फ़ाईल बंदा जुगाड लाया है! हे सुधि पाठकों आडियो फ़ाईल खुद सुन लीजिए!

तूफ़ान पीडितों से हमदर्दी तो एक तरफ़ उनके हालत की हंसी उडाई जा रही है!

ये संवेदनहीन औरत एक पूर्व राष्ट्रपति की पत्नि, वर्तमान राष्ट्रपति की मां है और ये कथन वो अपने देश के नागरिकों के लिए बोल रही है! कितने शर्म की बात है – इस औरत के लिए तो खैर क्या कहूं पर इस देश के लिए!

वैसे भी बुश परिवार पर जब-जब जनता मे अपनी छवि सुधारने का दबाव आया – उन्हें क्लिंटन की याद आई. जैसे तैसे बुश की छवि को सुधारने का प्रपंच बुश-सीनियर ने क्लिंटन के साथ मिल कर हाल ही मे शुरु किए तूफ़ान सहायता कार्यक्रम कर के किया और बरबरा के कथन से ये नया बवाल हो गया.

व्हाईट हाउस की सफ़ाईयां आईं, रिपब्लिकंस ने बोला की माताजी तो टेक्सस वालों की तारीफ़ कर रहीं थीं!

“I think that the observation is based on someone or some people that were talking to her that were in need of a lot of assistance, people that have gone through a lot of trauma and been through a very difficult and trying time,” White House spokesman Scott McClellan said Wednesday.

“And all of a sudden, they are now getting great help in the state of Texas from some of the shelters,” he said.

अब पोछा मारने से क्या होगा?

वैसे बुश परिवार के संस्कार और शालीनता कितनी गर्त मे हैं इस पर क्या लिखें पर पद की गरिमा के अनुरूप संप्रेषण की तमीज कहां हुई? क्या किसी व्यवसायिक टीम की मदद ही नही ली जा सकती थी बकवास करने के बजाए?? टेक्सस की इस हाई-प्रोफ़ाईल ग्वालन ज्यादा सलीकेदार प्रतिक्रिया तो ऐसे मे लालू की राबडी दे सकती है!

  1. संवेदना नाम की कोइ चिज नही है इस देश मे ! मिडिया, नेता सभी एक जैसे ही है .जितने लोग टी वी पर कैटरीना प्रभावित लोगो का साक्षात्कार लेते दिख जाते है, उतने यदि राहत कार्य मे लग जाते तो कम से कम कुछ सौ लोगो का तो भला हो जाता. अब खुद ही सोचिये कि कैसा लगता है किसी तुफान पिडीत को आप खाना पिना ना देकर पुछ रहे है कि इस तुफान के बाद आप कैसा महसुस कर रहे है ?

    राहत कार्य को लेकर राजनिती शुरू हो गयी है, जान्च कमीशन को लेकर विवाद हो रहा है , और मिडिया को चटपटा मसाला (ब्रेकिन्ग न्युज) मिल गयी है !

    आशीष

  2. Atul ने कहा:

    पिताजी ने शायद एकबार बिल्लू को अपने परिवार का सदस्य करार दे दिया था, बिल्लू को यह नागवार गुजरा। बिल्लू उवाचे कि बुश परिवार तो गद्दी अपने पास रखने के लिए किसी को भी अपना लड़का डिक्लेयर कर सकते हैं, यह बात माताजी को नागवार गुजरी थी।

  3. बेटे को भी होनहार बनाया है अम्मा ने। बुश साहब जब पहले दिन तूफान पीड़ितों को देखने गये, तो उन के उद्‍गार कुछ यूँ थे

    “We got a lot of rebuilding to do…. the good news is and it’s hard for some to see it now but out of this chaos is going to come a fantastic gulf coast… out of the rubbles of Trent Lott’s house — the guy lost his entire house — there’s going to be fantastic house. I look forward to sitting on the porch. Out of New Orleans is going to come that great city again.”

    उस समय सभी लोगों को यही चिन्ता थी कि ट्रेंट लॉट (मिसिसिपी से सिनेटर) का नया घर कैसा बनेगा, उन की तसल्ली करनी ज़रूरी थी।

  4. Sunil ने कहा:

    नयी कहावत बन सकती है, “बुश तो बुश, बारबरा उसकी भी माँ निकली”. केटरीना नहीं, श्रीमान बुश जी स्वयं हैं अमरीका ग्रेटेस्ट नेचुरल डिसास्टर. सुनील

  5. अब पता लगा कि इस होनहार सपूत (जॉर्ज बुश जूनियर) की ‘होनहारी’ का क्‍या राज़ है? वैसे, इससे एक और चीज़ साबित हो गयी। वो यह कि ‘आनुवांशिक गुणों के हस्‍तान्‍तरण’ का सिद्धान्‍त बिल्‍कुल ठीक है।

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  1. DesiPundit » ग्वालन नहीं बवालन - [...] रकार के नुमाइंदों का इसके बारे में पड़ताल कर रहे हैं स्वामीजी.इसके पहले आशीष न [...]

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