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लेखक: - श्रेणी: ब्लॉगिंग और वेबजीवन दिनांक: जून 17, 2010 | 2 टिप्पणियां
आपके काम पर ध्यान बढ...
आपके काम पर ध्यान बढाने मे मददगार जबरदस्त अनुप्रयोगों की एक सूची.
लेखक: - श्रेणी: ब्लॉगिंग और वेबजीवन दिनांक: अक्टू. 10, 2009 | 4 टिप्पणियां
वीडियो: ब्लाग्स सोशि...
व्यव्हारिक रूप से हिन्दी चिट्ठे वालों का सोश्यल नेटवर्क ब्लाग-एग्रीगेटर्स पर बहुत हद तक निर्भर है और ब्लाग –एग्रीगेटर्स अपने ब्लाग-लिंक डाटाबेस पर… ये अच्छी स्थिती नही है, इन कुछ ब्लाग-लिंक डाटाबेसेज़ का स्थान एकाधिक फ़्रेंण्ड्स नेटवर्क्स को लेना होगा – क्यों? यदि कोई एग्रीगेटर तकनीकी अनुपलब्धता के चलते चालू नही है तो आपका नेटवर्क भी गया खड्डे में… तो इसका निदान और कैसे संभव है?
लेखक: - श्रेणी: ब्लॉगिंग और वेबजीवन दिनांक: अक्टू. 9, 2009 | 10 टिप्पणियां
एग्रीगेटर्स के जमाने...
कोई भी तकनीक तभी सफ़ल होती है जब वो अंतत: जीवन के किसी मानवीय फ़लक को छू ले. और यह जुगत ठीक यही करती है.
विशेष
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नवीन प्रविष्टि की श्रेणी- रुचिकर
नया iPhone 4 पाने की होड!...
तकनीकी प्रेम कहें या उपभोक्तावाद की पराकाष्ठा, कल शाम से अमरीका भर में एप्पल कंपनी के स्टोर्स के बाहर लोग कुर्सीयाँ जमाए बैठे थे. वे जल्दी से जल्दी आज लॉंच होने वाले आई-फ़ोन के नए चौथे संस्करण अपने हाथ में पा लेना चाहते हैं.
नवीन प्रविष्टि की श्रेणी- सरोकार
ब्लॉगर्स के लिये पांच काम के टूल...
जो चिटठाकार अपने ब्लॉग्स को होस्ट...
धूर्त-संदेशम: संवाद और पलायन के ऐन बी...
जुगत-जुगाड श्रेणी में उल्लेखनीय लगी ये मुफ़्त...
महिलाओं के ब्लॉग्स का धुरंधर व्यवसायि...
यह पोस्ट तो किसी महिला ब्लागर द्वारा बडे...
क्या आपका ब्लॉग ‘ऑर्गेनिक’ है?...
खुशी है की चिट्ठाकारी पर लिखे लेखों की...
अपने ब्लॉग की थीम (टैंप्लेट) कैसे चुनें और सं...
दिनांक: जुलाई 17, 2008 | चिट्ठाकार:: eswami
इस लेख में आपको मिलेगी अपनी थीम या टैंप्लेट को दूसरों की...
क्या आपको अपना ब्लागिंग प्लेटफ़ार्म बदलना चाहि...
दिनांक: जुलाई 16, 2008 | चिट्ठाकार:: eswami
ध्येय वाक्य: जो दिख रहा है वही बिक रहा है! आमतौर पर शुरुआत...
असली चिट्ठाकारों का ध्यान कैसे खींचें?...
दिनांक: जुलाई 15, 2008 | चिट्ठाकार:: eswami
बात नये या पुराने चिट्ठाकार की नहीं है – अपनी विधा की...
